‘बिजली चोर’ दे रहे आधुनिक व्यवस्था को चुनौती

स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ बढ़ी

By: रमेश वैद्य

Published: 12 Jan 2021, 06:41 PM IST

इंदौर. सामान्य मीटरों में कारस्तानी कर बिजली चोरी के मामले तो सामने आते रहे हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर में भी कई लोग इससे बाज नहीं आ रहे हैं। हालांकि चोरी करते ही बिजली कंपनी के कंट्रोल रूम को सूचना मिलते ही कार्रवाई के लिए अमला पहुंच जाता है।
करीब डेढ़ साल पहले बिजली कंपनी ने शहर में करीब डेढ़ लाख स्मार्ट मीटर लगाए थे। नई व्यवस्था के तहत दावा किया गया था। इससे बिजली चोरी पर लगाम लगेगी, लेकिन दावा खोखला साबित हो रहा है। स्मार्ट मीटर में भी छेड़खानी की जाने लगी है। इन दिनों मीटर में कारस्तानी करने के कई मामले सामने आ रहे हैं। इसके पीछे अफसर तर्क दे रहे हैं कि लोगों को इसकी जानकारी नहीं है कि वे स्मार्ट मीटर में छेड़खानी करते हंै, तो कंट्रोल रूम में सूचना मिल जाती है। अगर लोगों को इसकी जानकारी होगी तो शायद ही कोई मीटर में छेड़छाड़ करेगा।
जैसे ही स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी या फिर सप्लाय में अंतर की बात सामने आती है तो कंट्रोल रूम में पता चल जाता है। बिजली अमला तुरंत जांच करने मौके पर पहुंच जाता है। डेढ़ साल में कंपनी ने मीटर में गड़बड़ी के १२०० प्रकरण पकड़े हंै। इनके साथ ही ६ करोड़ रुपए की वसूली भी की है। अब तक ७ बिजली चोरों पर एफआइआर भी दर्ज करवाई गई है। एसई कामेश श्रीवास्तव ने कहा स्मार्ट मीटर में छेड़खानी की सूचना हमंे मिल जाती है। मौके पर टीम जाकर कार्रवाई करती है।
इस तरह हो रही मीटर से छेड़खानी
स्मार्ट मीटर में मुख्य रूप से दो-तीन तरह से गड़बड़ी की जा रही हैं। पहला तो मीटर के कंट्रोल पैनल और मीटर में तोडफ़ोड़ कर मीटर कंट्रोल किया जा रहा है। वहीं, दूसरा केबल में कट लगाकर मीटर की बिजली सप्लाय रोक ली जाती है। तीसरा दो वायर और स्वीच के जरिए मीटर बंद-चालू किया जा रहा है। पिछले दिनों गाडराखेड़ी के दो घरों में मीटर में वायर जोडक़र और स्वीच के जरिए मीटर बंद-चालू किया जा रहा था। इसके साथ ही बियाबानी में स्मार्ट मीटर की केबल में कट लगाकर मीटर तक बिजली सप्लाय रोकने का मामला सामने आया था।
ये हो सकती है कार्रवाई
शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर एफआइआर।
मीटर को नुकसान पहुंचाने की राशि करीब १० हजार रुपए कंपनी वसूलेगी।
एक साल तक के बिल की भी राशि देना पड़ सकती है।
कंपनी कनेक्शन भी विच्छेद कर सकती है।
मीटर से छेड़छाड़ करने पर कई तरह की आर्थिक मार और कानूनी कार्रवाई झेलना पड़ सकती है।

रमेश वैद्य Desk
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