ऑनलाइन एजुकेशन की आड़ लेकर चला रहे थे फर्जी एडवाइजरी कंपनी, दो गिरफ्तार

बिहार व पश्चिम बंगाल से फर्जी दस्तावेजों के जरिए ली मोबाइल सिम के जरिए कर रहे थे ठगी, महिला से दस लाख ठगे

इंदौर. पुलिस ने अंजनी नगर बड़ी भमोरी के मकान में चल रही फर्जी एडवाइजरी कंपनी पर छापा मारकर दो आरोपियों को पकड़ा। आरोपी ऑनलाइन एजुकेशन इंस्टिट्यूट के नाम पर फर्र्जी एडवाइजरी कंपनी चलाकर देशभर के लोगोंं के साथ ठगी कर रहे थे।
संदिग्ध गतिविधियोंं की सूचना पर विजयनगर पुलिस ने अंंजनी नगर में छापा मारा। टीआइ तहजीब काजी के मुताबिक, कम्पनी के संबंध में जानकारी मिली थी कि सभी कर्मचारी एडू प्लस का आइडी कार्ड पहनकर कम्प्यूटर पर ऑनलाइन काम करते है परन्तु उनकी गतिविधियाँ संदिग्ध है। छानबीन में पता चला कि ऑनलाइन एज्यूकेशन के नाम पर वहां पर फर्जी एडवाइजरी कंपनी चल रही है। सीधी निवासी सुशीला ने इस बीच कंपनी की शिकायत की। महिला को शेयर बाजार में निवेश करने पर तीन गुना लाभ का झांसा देकर कंपनी के लोगों ने करीब 10 लाख रुपए ठग लिए थे।
मोबाइल सिम बंगाल- बिहार की, बैंक खाते बेंगलुरू-चंड़ीगढ़ के
टीआइ के मुताबिक, पुलिस टीम ने छापा मारकर संचालक कुलदीप पिता सुरेन्द्र सिंह निवासी बड़ी भमोरी तथा उसकी सहयोगी रितु पाण्डे को पकड़ा। मौके से करीब 20 कम्प्यूटर, 20 मोबाइल व अन्य सामान जब्त किया। जहां कंपनी चल रही थी वह कुलदीप का मकान है। आरोपियों ने बंगगाल व बिहार में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीदी मोबाइल सिम के जरिए देशभर में लोगों को कॉल कर निवेश के नाम पर फायदे का झांसा देकर ठगी की जा रही थी। लोगों को झांसा देेने के बाद राशि बेंगलुरू व चंड़ीगढ़ के बैंक खातों में जमा करवाई जा रही थी। कई लोगों से लाखों की ठगी हो चुकी है।
पुलिसकर्मियों ने वसूले थे दो लाख
छानबीन के दौरान पता चला कि कुछ दिन पहले कुछ कथित मीडियाकर्मियों के साथ पुलिस कर्मी कंपनी के ऑफिस पहुुंच गए थे ।वहां पर कार्रवाई की धमकी देकर करीब 2 लाख की वसूली भी कर ली गई थी। इस घटनाक्रम के बाद संचालकों ने 20 कर्मचारियों से वर्क फ्राम होम शुरू करा दिया था। इन कर्मचारियों की भी तलाश की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर रही है।

प्रमोद मिश्रा Reporting
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