एमजीएम मेडिकल कॉलेज में फर्जी नियुक्ति, दो साल बाद आई हैंड राइटिंग रिपोर्ट

हो सकती है पूर्व डीन डॉ. वर्मा की गिरफ्तारी

प्रमोद मिश्रा@ इंदौर. एमजीएम मेडिकल कॉलेज में नौ लोगों की फर्जी नियुक्ति के मामले पूर्व डीन डॉ. पुष्पा वर्मा की परेशानी बढ़ सकती है। करीब दो वर्ष बाद पुलिस को मिली हैंड राइटिंग रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि हस्ताक्षर डॉ. वर्मा के हो सकते हैं। रिपोर्ट के आधार अब पुलिस डॉ. वर्मा की गिरफ्तारी की तैयारी में है। 

पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में फर्जी नियुक्तियों के मामले में डॉ. पुष्पा वर्मा से पूछताछ की तो उन्होंने किसी भी तरह का रोल होने से इनकार कर दिया। नियुक्ति पत्रों पर हस्ताक्षर व डॉ. वर्मा के हस्ताक्षर के नमूने लेकर २०१५ में जांच के लिए भोपाल फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को भेजे गए थे।

भोपाल स्थित फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ को जांच रिपोर्ट के लिए कई बार रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली। इससे चालान भी अटका हुआ था। अब रिपोर्ट मिली, वो भी अस्पष्ट है।

यह है मामला
एमजीएम मेडिकल कॉलेज में २०१४ में ९ लोगों की नियुक्ति हुई थी। इसे लेकर एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की शिकायत पर संयोगितागंज पुलिस ने अगस्त 2015 में डीन ऑफिस में पदस्थ बाबू हरिशंकर, दीपकसिंह, दुर्गा सतपाडिय़ा, राहुल शर्मा, दुलीचंद टेटवाल, राज वडोनिया समेत 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच में पता चला कि डॉ. वर्मा के डीन रहते बिना किसी प्रक्रिया के नियुक्तियां दी गई हैं। पुलिस ने हरिशंकर को गिरफ्तार किया तो उसने कहा कि डीन डॉ. वर्मा के कहने पर नियुक्तियां हुई थीं। नियुक्तियों पर हस्ताक्षर उन्हीं के हैं। जिस दिन डॉ. वर्मा सेवानिवृत्ति हुई उस दिन भी एक कर्मचारी की नियुक्ति हुई थी। जिन लोगों की नियुक्तियां मिली, उनमें अधिकतर के रिश्तेदार एमवाय अथवा मेडिकल कॉलेज में नौकरी में थे।

फाइल एसपी पूर्व अवधेश गोस्वामी के पास भी गई थी जिस पर उन्हें आगे कार्रवाई करने के लिए कहा है। विधिक राय लेकर जल्द गिरफ्तारी करने के लिए एसपी ने संयोगितागंज पुलिस को कहा है। नोटिस देकर चालान के साथ कोर्ट में भी पेश हो सकते हैं।

50-50 की स्थिति
&हैंड राइटिंग रिपोर्ट भोपाल से आ गई है, लेकिन अस्पष्ट है। रिपोर्ट में लिखा है, हस्ताक्षर डॉ. पुष्पा वर्मा के हो सकते हैं। 50-50 की स्थिति बनी है। चूंकि क्लीन चिट नहीं मिली है, इसलिए डॉ. वर्मा की गिरफ्तारी की तैयारी है।
- ओंकारसिंह भदौरिया, एसआई (जांच अधिकारी)

अर्जुन रिछारिया Incharge
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