fake doctor- आयुर्वेद की अमान्य डिग्री, एलोपैथी से कर रहा था इलाज

fake doctor- आयुर्वेद की अमान्य डिग्री, एलोपैथी से कर रहा था इलाज

Arjun Richhariya | Publish: Nov, 15 2017 03:31:15 PM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप डॉक्टरों पर कसा शिकंजा

इंदौर. लंबे समय तक पल्ला झाडऩे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आखिरकार झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। मंगलवार को आयुर्वेद की अमान्य डिग्री पर एलोपैथी दवाएं दे रहे डॉक्टर का क्लिनिक सील किया गया। दो डॉक्टरों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बंद मिले क्लिनिकों की दोबारा जांच की जाएगी।

इलाहाबाद विवि की डिग्री मिली, जो प्रदेश में अमान्य है

स्वास्थ्य विभाग के डॉ. अमित मालाकर टीम के साथ मंगलवार दोपहर बाणगंगा इलाके में पहुंचे। कुशवाह नगर में मनोहरलाल वर्मा अंकिता क्लिनिक चलाते मिला। उसके पास इलाहाबाद विवि की डिग्री मिली, जो प्रदेश में अमान्य है। नगर निगम का गुमास्ता लाइसेंस व मप्र आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड भोपाल का प्रमाण-पत्र लगा रखा था। मौके से एलोपैथी दवाएं जब्त कर पंचनामा बनाकर क्लिनिक सील किया।

3 अन्य क्लिनिक बंद मिले, जांच की जाएगी

डॉ. मालाकार का कहना है, क्लिनिक दोबारा खोलने या अन्य स्थान पर प्रैक्टिस करते पाए जाने पर वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वृंदावन कॉलोनी में बीएमएस डॉ. नवीनचंद्र पाटोदा का रजिस्ट्रेशन सीएमएचओ कार्यालय में नहीं होने से बंद कराया। उनके साथ प्रैक्टिस कर रही डॉ. रिंकी पॉल को डिग्री व दस्तावेज के साथ बुधवार को कार्यालय बुलाया है। 3 अन्य क्लिनिक बंद मिले, जिन पर बुधवार को जांच की जाएगी।

नर्सिंग होम पर भी होगी कार्रवाई
सीएमएचओ डॉ. एचएन नायक का कहना है, बिना पात्रता इलाज करने वालों के साथ अस्पतालों व नर्सिंग होम्स की भी जांच की जाएगी। अधिकतर स्थानों पर ड्यूटी डॉक्टर के रूप में बीएमएस व बीएचएमएस डॉक्टरों को बैठाने की शिकायतें मिली हैं। गौरतलब है, लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग से आईएमए झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई करने की मांग कर रहा था। विभाग प्रशासन व पुलिस को अधिकार होने की बात कहकर कार्रवाई से बचता रहा था। लगातार दबाव के चलते आखिरकार कार्रवाई की गई।

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