खुलासा- बुजुर्ग ने फर्जी पासपोर्ट से अमरीका में ली थी नागरिकता

इंदौर से गिरफ्तार बुजुर्ग को लेकर नए खुलासे

इंदौर. क्राइम ब्रांच ने स्नेहलतागंज के सिल्वर जुबली अपार्टमेंट के फ्लैट से सोमवार को आमिर अली (58) पिता इब्राहिम को पकड़ा था। मंगलवार शाम एएसपी अमरेंद्रसिंह, डीएसपी अनिलसिंह राठौर, निरीक्षक अनिलसिंह चौहान के नेतृत्व में बिल्डिंग में पहुंची टीम ने रिश्तेदारों से देर तक पूछताछ की। फ्लैट में सर्चिंग भी की। सुरक्षा एजेंसियां भी जानकारी ले रही है।

एएसपी के मुताबिक, छानबीन में पता चला कि आमिर मूल रूप से गुजरात का रहने वाला है। इंदौर में रहकर उसने एमकॉम तक पढ़ाई की। वर्ष 1998 में हैदराबाद से राजेश अग्रवाल के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया। बताया जा रहा है, उसने अमरीका जाने के लिए खुद को काफी कम पढ़ा-लिखा बताया और वहां एक निजी कंपनी में नौकरी हासिल की थी। वह अमरीका में रह रहा था। उसकी बेटी व पत्नी अमरीका में रहती हैं। बेटा परिवार के साथ गुजरात में। आमिर ने स्नेहलतागंज की इस बिल्डिंग की पहली मंजिल पर करीब 4-5 साल पहले फ्लैट खरीदा था, जो किराए पर है। इस दौरान वह पहली बार यहां आया। उसने जिस राजेश अग्रवाल के नाम से दस्तावेज हासिल कर पासपोर्ट बनवाया उसकी ओर से ही किसी ने क्राइम ब्रांच को सूचना दी। बताया जा रहा है, एक बार पुलिस टीम ने प्राथमिक पूछताछ के बाद सेटिंग कर आमिर को छोड़ दिया था, लेकिन अफसरों तक जानकारी पहुंची तो उन्होंने जांच फिर शुरू कराकर आमिर को पकड़वाया। सेटिंग करने वालों की भी जांंच शुरू हो गई है।

किराना व्यापारी के घर रुका, सर्चिंग
बताया जा रहा है, आमिर यहां जिस रिश्तेदार फिरोज के यहां रुका। पत्रिका टीम बिल्डिंग में पहुंची तो परिवार व रिश्तेदारों ने मामले में बात करने से मना कर दिया। बाद में क्राइम ब्रांच की टीम पहुंची और रिश्तेदारों की उपस्थिति में फ्लैट में सर्चिंग कर उनसे पूछताछ की। माना जा रहा है, आमिर ने धोखाधड़ी या कुछ अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज होने से दूसरे के नाम से पासपोर्ट बनवाया। हालांकि बच्चों के नाम धर्म के हिसाब से ही रखे हैं। पुलिस हैदराबाद से उसके पासपोर्ट की जानकारी जुटा रही है।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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