किसान समर्थन मूल्य से नीचे दाम पर बेच रहे है दलहन, फिर भी आयात कोटा बढ़ाने पर विचार

किसान समर्थन मूल्य से नीचे दाम पर बेच रहे है दलहन, फिर भी आयात कोटा बढ़ाने पर विचार
किसान समर्थन मूल्य से नीचे दाम पर बेच रहे है दलहन, फिर भी आयात कोटा बढ़ाने पर विचार

Vishal Mate | Updated: 12 Oct 2019, 05:33:51 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

उड़द की फसल को मध्य प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से नुकसान

इंदौर. उत्पादक मंडियों में उड़द के साथ ही खरीफ मूंग की नई फसल की आवक शुरू हो गई है और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे भाव पर दलहन बेचनी पड़ रही हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार आयातकों की मांग को देखते हुए उड़द के आयात कोटा में बढ़ोतरी कर सकती है। उत्पादक मंडियों में उड़द के भाव 5400-5500 रुपए प्रति क्विंटल चल रहे हैं, जबकि इस का एमएसपी 5700 रुपए प्रति क्विंटल है। इसी तरह से मूंग के भाव मंडियों में 5800-6000 रुपए प्रति क्विंटल हैं, जबकि एमएसपी 7050 रुपए प्रति क्विंटल है।
आयात समस्याओं पर चर्चा
दलहन आयात की समीक्षा के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने आयातकों की शुक्रवार को दिल्ली में बैठक बुलाई थी। बैठक में शामिल हुए मध्य प्रदेश के एक आयातक ने बताया कि सरकार ने अरहर, उड़द, मटर और मूंग के आयात की समय सीमा 31 अक्टूबर तय रखी है, लेकिन इस अवधि में पूरा आयात नहीं हो पाएगा। इसलिए हमने सरकार से आयात की समय सीमा को बढ़ाकर 30 नवंबर 2019 करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उड़द की फसल को मध्य प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से नुकसान हुआ है। इसलिए उड़द के आयात का कोटा डेढ़ लाख टन से बढ़ाकर ढाई लाख टन करने की मांग की है। अधिकारियों ने आयातकों द्वारा अभी तक किए आयात सौदे और बंदरगाह पर पहुंच चुकी दालों की पूरी जानकारी मांगी है। ऑल इण्डिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल और बीकानेर से अशोक कुमार वासवानी ने बताया कि तुवर, उड़द, मंूग दलहन आयात के लिए दाल मिलों को जो कोटा आंवटित किए गए हैं और आयात संबंधी विभिन्न मुद्दो पर चर्चा की गई। मीटिंग में संस्था की ओर से सरकार द्वारा वर्तमान में दलहन आयात की जो समय सीमा निर्धारित की है, उसे बढ़ाने और दाल मिलर्स को आयात में होने वाली विभिन्न समस्याओं के समाधान करने के लिये चर्चा कर अनुरोध किया।

कृषि मंत्रालय के आरंभिक अनुमान के अनुसार फसल सीजन 2019.20 के खरीफ में दलहनों का उत्पादन घटकर 82.30 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले खरीफ में इनका उत्पादन 85.90 लाख टन का हुआ था। पूरे फसल सीजन 2018.19 में दलहनों का कुल उत्पादन घटकर 234 लाख टन ही रहने का अनुमान है जबकि पिछले साल 254.2 लाख टन दलहनों का उत्पादन हुआ था। मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में दलहनों की बुआई 134.02 लाख हेक्टेयर में ही हुई है। पिछले साल समान अवधि में 136.40 लाख हेक्टेयर में दलहनोंं की बुआई हो चुकी थी।

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