पांच माह से नदी के किनारे भटक रहा पिता, लोगों से पूछता हैं कहां है मेरा लाल

- पांच माह पहले बारिश में बह गया था बेटा
- सरकारी एजेंसियों ने छोड़ी आस
- पिता ने नहीं छोड़़ी उम्मीद
- तब से ही गंभीर नदी के तट से लगे गांवों में तलाश
- लोन की किस्त नहीं भरने से बेघर होने का डर
- मंगेतर को उम्मीद, एक दिन जरुर लौटकर आएगा

By: Hitendra Sharma

Published: 11 Jan 2021, 12:07 PM IST

मनीष यादव
इंदौर. बारिश में पांच माह पहले एक युवा पुलिया से बाइक सहित बह गया। उसका आज तक पता नहीं चल पाया। काफी कोशिशों के बाद लैपटॉप बैग व बाइक मिली। पुलिस और दूसरी एजेंसी थक-हार कर बैठ गईं पर पिता है कि मानते नहीं। लोगों ने कहा कि बच्चा दुनिया से बहुत दूर चला गया, पर पिता का दिल कैसे मान ले। सब कुछ छोड़कर कलेजे के टुकड़े को ढूंढने की ठान ली। गंभीर नदी के दोनों किनारों को सैकड़ों किलोमीटर तक छान मारा। हर किनारे पर हर गांव में जाकर बेटे का पता पूछ रहे हैं, इस उम्मीद में कि कहीं से तो कुछ पता चले।

1_3.png

हम बात कर रहे हैं महू निवासी कमल सिंह कदम की। उनका &0 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटा हिमांशु 21 अगस्त को घर लौटते हुए ग्राम सातेर की पुलिया से बह गया था। युवक के पानी में बहने की सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने खोजबीन शुरू की। उसकी बाइक और लैपटॉप तो मिल गया, लेकिन हिमांशु का पता नहीं चला। 10 दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद भी कुछ हाथ न लगा तो तलाश बंद कर दी गई।

3_1.png

पिता ने नहीं छोड़़ी उम्मीद
हिमांशु के पिता कमल सिंह के मुताबिक रेस्क्यू ऑपरेशन बंद होने के भी उन्होंने बेटी की तलाश जारी रखी। जिस नदी में वह बहा, उसके किनारों पर खोज रहे हैं। पांच महीने में लगभग वह हर उस गांव में गए, जो नदी किनारे पड़ता है। वहां पर हिमांशु के बारे में पूछताछ की। किसी ने उसे देखा हो और बचा लिया हो या चोट के कारण कहीं उसका इलाज चल रहा हो। उन्हें कोई ठीक से जवाब देता तो कोई नहीं। वे दिल पर पत्थर रखकर शव के बारे में भी पूछ लेते हैं। अब तक सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है।

2_1.png

बेघर होने का डर
हिमांशु ने लोन पर एक मकान लिया था, उसकी किस्त अभी चल रही है। बेटे की नौकरी लगी तो उसने पिता को आराम देने के लिए उनका कामकाज छुड़वा दिया। अब बेटे के लापता होने पर आय का स्त्रोत भी खत्म हो गया, लेकिन लोन किस्त तो देना पड़ रही हैं। कमल सिंह ने बैंक से बात की तो उन्होंने किस्त नहीं भरने पर मकान बेचने की बात कही। किसी तरह से अब तक किस्त जमा कर रहे हैं। कब तक कर सकेंगे, यह पता नहीं। अब इस उम्र में पति-पत्नी पर बेघर होने का डर मंडरा है।

 

0_3.png

मंगेतर को उम्मीद, एक दिन जरुर लौटकर आएगा
हिमांशु के पिता के साथ ही उसकी मंगेतर को भी उसके घर लौटने की आस है। पिता के मुताबिक दिसंबर में शादी होने जा रही थी, लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया। हिमांशु के लापता होने के बाद लड़की से सभी ने दूसरे लड़के से शादी करने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। बहुत जोर देने पर यह शर्त रख दी कि वह दो साल तक इंतजार करेगी। इसके बाद भी हिमांशु नहीं लौटता है तो वह दूसरे रिश्ते के बारे में सोचेगी। उससे पहले कतई नहीं।

Hitendra Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned