एआईएमपी : 5000 के बजाए 25 रुपए शुल्क भरने वाले पांच दावेदार नहीं लड़ सकेंगे चुनाव

एआईएमपी : 5000 के बजाए 25 रुपए शुल्क भरने वाले पांच दावेदार नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
एआईएमपी : 5000 के बजाए 25 रुपए शुल्क भरने वाले पांच दावेदार नहीं लड़ सकेंगे चुनाव

Hussain Ali | Updated: 23 Aug 2019, 08:45:00 AM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

- इंडस्ट्री पैनल के दिग्गज रहे अशोक जायसवाल और संजय पटवर्धन सहित पांच लोगों ने नहीं जमा की पूरी राशि

- प्रोग्रेसिव पेनल के संस्थापक विनय कालानी और हेमंत मेहतानी ने भी बनाई चुनाव से दूरी

इंदौर. प्रदेश की सबसे बड़े औद्योगिक संगठन एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र (एआईएमपी) के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर नामांकन फार्म जमा होते ही हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को 15 पदों के लिए 41 उम्मीदवारों ने नामांकन फार्म जमा किए। खास बात यह है कि इनमें से पांच उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने चुनाव लडऩे के लिए निर्धारित 5 हजार रुपए फीस के स्थान पर 25 रुपए ही जमा किए। निर्धारित फीस जमा नहीं करने पर उनका फार्म निरस्त होना तय है।

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मंगलवार को शुल्क जमा करने की आखिरी तारीख थी। इन पांच लोगों में संगठन के पूर्व अध्यक्ष और इंडस्ट्री पेनल के प्रमुख रहे अशोक जायसवाल और संजय पटवर्धन भी शामिल हैं। संगठन की राजनीति के इन अनुभवी खिलाडिय़ों द्वारा उठाया गया यह कदम बड़ा संकेत दे रहा है। इनके अलावा सुरेंद्र सिंह ठाकुर, राजेंद्र सुखेजा और प्रदीप सोडानी ने भी 25-25 रुपए फीस जमा की है।

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इस संबंध में पत्रिका ने मुख्य चुनाव अधिकारी अमृत देव से चर्चा की तो उन्होंने कहा, इनके फार्म निरस्त किए जाएंगे या नहीं इस पर मैं अभी कुछ नहीं कह सकता। १२ सितंबर को छानबीन समिति नामांकन फार्म की जांच करेगी और फिर सूची जारी की जाएगी। नामांकन फार्म जमा करने के दौरान प्रोग्रेसिव पेनल के सदस्यों द्वारा फूल मालाएं पहनाने से जुड़े प्रश्न पर देव ने कहा, फोन पर शिकायत मिली थी जिसका निराकरण कर दिया गया है। वहीं संस्था के संविधान के विशेषज्ञों का कहना है सिर्फ 5000 का शुल्क नहीं संगठन का वार्षिक शुल्क और वार्षिक मैनेटेनेंस शुल्क भी यदि नहीं जमा होगा तो चुनाव लडऩे का अधिकार नहीं होगा।

कालानी ने भी बनाई दूरी

प्रोग्रेसिव पेनल की स्थापना विनय कालानी और पूर्व अध्यक्ष हेमंत मेहतानी ने की थी, लेकिन इन चुनाव में इन दोनों ने भी प्रोग्रेसिव पेनल से दूरियां बना ली है। 21 सिंतबर को होने वाले चुनाव को लेकर प्रोगे्रसिव पेनल ने जिन 19 सदस्यों के फार्म जमा कराए हैं उनमें अधिकांश सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र के ही है। पेनल ने पालदा से एक भी सदस्य को शामिल नहीं किया है।

नई पेनल का हो सकता है गठन

प्रोग्रेसिव पेनल के 19 सदस्यों के अलावा अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्र के २२ उद्योगपतियों ने चुनाव में दावेदार की है। पालदा के 11 दावेदार सहित अन्य सभी मिलकर अलग पेनल बनाने की तैयारी कर रहे हैं। परिवर्तन के नाम से एक नई पेनल गठित करने की तैयारी जोरों से चल रही है।

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