एनआरआइ ‘डॉक्टर’ पर लट्टू हुआ व्यापारी, दोस्तों से उधार ले-लेकर लुटा दिए साढ़े 9 लाख रुपए

  • शादी की वेबसाइट पर प्रोफाइल अपलोड करने के बाद ठगी
  • क्राइम ब्रांच कर रही जांच, गिफ्ट भेजने के नाम पर ठगते रहे पैसे

By: हुसैन अली

Published: 19 Jul 2020, 11:40 AM IST

इंदौर. शादी की वेबसाइट पर ठगों ने यूके की डॉक्टर बन शहर के व्यापारी से सम्पर्क किया। फ्रेंडशिप गिफ्ट भेजने के नाम पर 9.55 लाख रुपए ठग लिए। शादी के चक्कर में व्यापारी परिवार से विवाद कर पैसा जमा कराता रहा। जब पैसों की मांग जारी रही, तो व्यापारी को शक हुआ। व्यापारी ने पुलिस को शिकायत की, तो जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

डीआइजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि कीटनाशक दवा व्यापारी सुरेश और महेश ने शिकायत की। सुरेश ने शादी की एक वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल अपलोड की थी। इसके बाद यूके की डॉ. अस्मिता ने संपर्क किया। वाट्सऐप चेटिंग होती रही और बात शादी तक पहुंच गई। अस्मिता ने कहा, भारत आने पर दोनों शादी कर लेंगे। इसके पूर्व फ्रेंडशिप गिफ्ट भेज रही हूं। इसमें प्लेटीनम की चेन, लैपटॉप, आइफोन है। सुरेश को कुछ दिन बाद कोरियर कंपनी से फोन आया। टेलीकॉलर बोला, आपके गिफ्ट के साथ 75 हजार पाउंड भी आए हैं। आपको गिफ्ट का प्रोसेसिंग शुल्क देना होगा, यह पैसा आपको वापस मिल जाएगा।

भारत आकर शादी करूंगी, घर और गाड़ी लेंगे

लगातार पैसों की मांग को लेकर सुरेश ने वाट्सऐप पर डॉ. अस्मिता से बात की। वह बोली, मैंने जिंदगीभर की इक_ा पूंजी ७५ हजार पाउंड भेजे हैं। भारत आने पर शादी करेंगे और इस पैसे से मकान और गाड़ी खरीदेंगे। पांच साल के लिए वह भी यूके आ जाए। यहां पैसा कमाने के बाद भारत लौंट जाएंगे।

दोस्तों से लिए उधार

डॉ. अस्मिता को रुपए देने के लिए सुरेश ने दोस्तों से रुपए उधार लिया। पैसा निकालने के लिए तीन एटीएम कार्ड भेजे लेकिन वे काम नहीं कर रहे थे तो रॉयल बैंक स्कॉटलैंड में खाता खुलवाने के नाम पर 5.38 लाख रुपए लिए। इस राशि पर भारतीय टैक्स के नाम पर 7.20 लाख रुपए मांगे। सुरेश ने पैसा नहीं होने की बात कही तो डॉ. अस्तिमा कहने लगी कि आधा पैसा में जमा कर दंूगी और एक लाख रुपए जमा करा लिए।

वीडियो कॉल नहीं उठाया तो हुआ शक

डॉ. अस्मिता की बातों में आकर सुरेश पैसा जमा कराता गया। भाई महेश ने टोका तो उसे बोला कि पैसा नहीं देने पर वह कुछ कर लेगा। ऐसे करीब 9.55 लाख रुपए ठग लिए। इस दौरान कोरियर कंपनी से फोन आते रहे कि मामला क्लीयर होते ही पार्सल मिल जाएगा। इसके बाद भी पैसों की मांग नहीं थमी, तो सुरेश को शक हुआ और उन्होंने डॉ. अस्मिता को वीडियो कॉल किए लेकिन बात नहीं हो पाई। इसके बाद तो मैसेज पर भी रिप्लाय करना बंद कर दिया। इसके बाद समझ आया कि डॉ. अस्मिता नाम की कोई लडक़ी नहीं है तो सुरेश की दिमागी स्थिति बिगड़ गई। परिवार ने उसे समझाया तब वह पुलिस के पास पहुंचा।

हुसैन अली
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