शादी के इच्छुक युवाओं से गीता ने शुरू किया मिलना, देखिए किस तरह परख रही जीवनसाथी

शादी के इच्छुक युवकों से आज मिलेगी गीता

इंदौर . पत्रिका. पाकिस्तान से कई साल बाद भारत लौटी मूक-बधिर गीता से शादी करने के इच्छुक युवकों को प्रशासन ने गुरुवार को राजकीय प्रौढ़ मूक बधिर प्रशिक्षण केंद्र परदेशीपुरा में बुलाया। यदि गीता इनमें से किसी को पसंद करती है, तो विदेश मंत्रालय बात आगे बढ़ाएगा। गुरुवार को 6 और शुक्रवार को 8 युवकों से गीता की मुलाकात कराई जाएगी।

गुरुवार को 6 और शुक्रवार को 8 युवकों से गीता की मुलाकात कराई जा रही है। गुरुवार सुबह से ही युवक अपने परिजन और दोस्तों के साथ यहां पहुंच गए। सभी एक एक करके गीता से मिल रहे हैं और गीता भी सबको पूरा समय दे रही है और हर स्तर पर समझने का प्रयास कर रही है।

गीता ने कुछ दिनों पहले शादी की इच्छा जताई थी। विदेश मंत्रालय ने इसके लिए विज्ञापन जारी किया था। बड़ी संख्या में युवकों ने गीता से शादी की इच्छा जताई। अंतिम सूची में 15 युवकों को शामिल किया गया। इनमें से एक युवक के प्रस्ताव को गीता अस्वीकृत कर चुकी है।

महाराष्ट्र के दंपती ने बताया अपनी बेटी- उधर, गीता को महाराष्ट्र के एक दंपती ने अपनी बेटी बताया। इस बारे में जिला पंचायत सीईओ नेहा मीणा ने कहा कि गीता इस दंपती से मिली, लेकिन उसने उसे महत्व नहीं दिया। डीएनए टेस्ट के लिए विदेश मंत्रालय से मार्गदर्शन मांगा जाएगा। दो परिवार उप्र से भी सामने आए हैं। साइन लेंग्वेज विशेषज्ञ ज्ञानेंद्र पुरोहित ने बताया, उन्हें उप्र के परिवारों ने फेसबुक पर एप्रोच किया था, जिस पर उन्हें विदेश मंत्रालय सीधे एप्रोच किए जाने की सलाह दी गई है।

ऐसी है प्राथमिकता
बताया जाता है, गीता ने साफ कर दिया है कि वह उसी युवक से शादी करेगी जो उसके माता-पिता को तलाशने में मदद करेगा। साथ ही उसे साइन लैंग्वेज का ज्ञान हो। गीता को देखने उप्र से 5, मप्र से 3, गुजरात से 2, राजस्थान, बिहार, केरल और दिल्ली से 1-1 युवक आएंगे।

युवक को मिलेगी सरकारी नौकरी
गीता से शादी करने वाले युवक को विदेश मंत्रालय सरकारी नौकरी देगा। इसके साथ ही शादी का खर्च भी सरकार द्वारा ही उठाया जाएगा। बताया जा रहा है कि शादी के बाद गीता को एक घर भी मिलेगा जहां यह दंपति नए जीवन की शुरुआत करेगा।

 

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गीता से शादी करने आए लड़कों के साथ आए परिजन
गीता से शादी करने की चाह में आए युवकों के साथ उनके परिवार और दोस्त भी आए हैं। वहीं गीता भी सभी युवकों से मिलकर उन्हें पूरा समय दे रही है ताकि वह भी उन्हें ठीक तरह से समझ सके।

भोपाल से राजकुमार, टीकमगढ़ से अरुण नामदेव, गुजरात से रितेश पटेल और इंदौर से सचिन पाल आए हैं। राजकुमार फोटो कॉपी की दुकान संचालित करता है और उसके साथ माता पिता भी आए हैं। उसका पूरा परिवार भी साइन लेंग्वेज सीखना चाहता है।

वहीं अरुण आबकारी विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं और रितेश डोमिनोज पिज्जा में जॉब करता है। भोपाल से आए राजकुमार स्वर्णकार मां कमला के साथ गीता को देखने के लिए आए हैं।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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