Breaking : पाकिस्तान से लौटी गीता का दरभंगा के परिवार से मिला चेहरा, सरकार तक पहुंची जांच रिपोर्ट

पाकिस्तान से लौटी गीता का दरभंगा के परिवार से मिला चेहरा, सरकार तक पहुंची जांच रिपोर्ट

By: हुसैन अली

Updated: 03 Jan 2019, 03:55 PM IST

इंदौर/दरभंगा. पाकिस्तान से लौटी मूक-बधिर गीता का परिवार मिलने की उम्मीद फिर जाग गई है। दरभंगा के एक परिवार ने उसे अपनी बेटी बताया है। खास बात यह है कि परिवार के लोगों से गीता का चेहरा भी मिल रहा है। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने पूरी जांच करने के बाद रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। उन्होंने गृह विभाग के विशेष शाखा के अपर सचिव विमलेश कुमार झा को जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। गौरतलब है कि गीता पाकिस्तान से लौटने के बाद इंदौर के मूक-बधिर केंद्र में रह रही है। गीता को लाने में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का बड़ा सहयोग रहा है। इसके पहले भी गीता पर देशभर से 11 परिवारों ने अपना हक जताया था, लेकिन डीएनए टेस्ट में कोई भी सही साबित नहीं हुआ।

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जानकारी के अनुसार जिले के हायाघाट प्रखंड के हवासा गांव के शीत मांझी और पत्नी शोभा देवी ने गीता पर अपना हक जताया है। उन्होंने प्रशासन इसके लिए आवेदन दिया। डीएम डॉ. चंद्रशेखर ङ्क्षसह के निर्देश पर सदर एसडीओ राकेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया। हायाघाट के बीडीओ राकेश कुमार को परिवार के पास जाकर जांच के आदेश दिए। बीडीओ कुमार ने हवासा गांव पहुंचकर शीत मांझी व शोभा देवी से मिलकर जानकारी ली। संयुक्त टीम ने परिवार के कमरू मांझी, डोमा मांझी, रंजू देवी, शांति देवी, नाना दुखी मांझी के चेहरा और शोभा देवी की पुत्री का चेहरा जब मिलान किया तो काफी हद तक समानता मिली। शोभा ने बताया कि उनकी पुत्री भी बोल नहीं सकती थी और उसका नाम संगम था। इसका उल्लेख राशन कार्ड में भी है। उनकी पुत्री कीड़े से काफी डरती थी। उसे हम गुड्डी भी बोलते थे। सात-आठ साल की आयु में गुम हो गई थी।

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खेत में मजदूरी के दौरान गुम हो गई

प्रशान की टीम को शोभा देवी ने एक पुरानी तस्वीर भी दिखाई। इसमें गुम हुई बच्ची है। इसका चेहरा भी गीता से काफी मिल रहा है। शोभा ने बताया कि 10-12 साल पहले पति और बच्चों के साथ गुरुग्राम के घोड़ाकला में रहती थी। हम खेतों में मजदूरी करते थे। इसी बीच गुड्डी कहीं गुम हो गई। काफी ढूंढऩे के बाद भी नहीं मिली। पति अब भी हरियाणा में फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। अपनी बच्ची के लिए परिजन डीएनए टेस्ट की बात भी कह रहे हैं। इस मामले में हायाघाट के विधायक अमरनाथ गामी का भी पीडि़त परिवार को काफी सहयोग मिला है।

हुसैन अली
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