मोहर्रम की 10 तारीख को 11वीं की छात्रा ने मां से पूछा- आज मरने वाले जन्नत जाते हैं? कुछ देर बाद लगाई फांसी

इंदौर में 11वीं की छात्रा ने मोहर्रम पर मां से पूछा कि- क्या आज मरने वाले जन्नत जाते हैं, कुछ देर बाद फांसी के फंदे पर झूलता मिला शव।

By: Faiz

Published: 21 Aug 2021, 07:22 PM IST

इंदौर. मध्य प्रदेश की आर्थिक नगरी इंदौर में रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी ने मोहर्रम की 10 तारीख को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वैसे तो शव के पास से किसी तरह का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ, बताया जा रहा है कि, आत्महत्या करने से पहले उसने अपनी मां से पूछा था कि- क्या इमाम हुसैन आज ही के दिन शहीद हुए थे? और क्या आज के दिन जिन लोगों की मौत होगी उन्हें शहादत मिलेगी? वो जन्नत में जाएंगे? इसपर मां ने जवाब दिया कि, हां बेटा इस दिन इमाम हुसैन शहीद हुए थे और वो जन्नत में हैं। कुछ देर बाद घर वालों को बेटी का शव फांसी के फंदे पर झूलता मिला। परिवार के लोग उसे फंदे से उतारकर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया


मामला शहर के रावजी बाजार इलाके के चंपा बाग स्थित हाथीपाला की है। यहां राबिया अपने पूरे परिवार के साथ मोहर्रम पर शुक्रवार देर शाम रोजा खोलने बैठी थी। इस दौरान मां ने अपनी बेटी की पसंद की खीर बनाई थी। रोजा खोलने से पहले जब परिवार के सदस्य एक साथ बैठे थे, तभी किशोरी ने अपनी मां से सवाल किया, अब परिवार का मानना है कि, बेटी का वही सवाल उसकी खुदकुशी का कारण बन गया। घटना के बाद परिवार गंभीर सदमे में है।

 

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खुद ही जमा करके आई थी 11वीं कक्षा की फीस, किताबें भी खरीदकर लाई

परिवार के एक सदस्य के अनुसार, कुछ दिन पहले राबिया का दाखिला 11वीं कक्षा में कराया था। उसकी एडमिशन फीस भी वो खुद जाकर स्कूल में जमा करके आई थी। 2 दिन पहले ही माता-पिता के साथ वो खुद जाकर अपनी 11वीं कक्षा की कॉपी-किताबें लेकर आई थी। दसवीं में उत्तीर्ण होने और ग्यारहवीं में प्रवेश को लेकर वो काफी खुश थी। इस सब के बावजूद अचानक उसने इस तरह का फैसला लिया, इसपर सभी काफी दुखी हैं।

 

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पिकनिक में सहेली की हुई थी मौत

परिवार के लोगों का कहना है कि, कुछ साल पहले स्कूल की पिकनिक राऊ सर्कल के पास नखराली धाणी गई थी। जहां पर राबिया की सहेली की झूले से गिरने से मौत हो गई थी। इसका खासा दुष्प्रभाव राबिया के जहन पर पड़ा था। वो तभी से कुछ बहकी-बहकी बातें भी करने लगी थी। हमेशा कहती रहती थी कि जिंदगी और मौत क्या है? कभी भी हम मर सकते हैं। उसकी इस बातों पर परिवार के सदस्य उसे हमेशा सझाया करते थे, तो कई दफा उसे इस बात पर डांट भी पड़ती थी।

 

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