अच्छी खबर...फैक्ट्रियों का पानी साफ होकर मिल रहा नदी में

अच्छी खबर...फैक्ट्रियों का पानी साफ होकर मिल रहा नदी में

Uttam Rathore | Publish: Sep, 06 2018 10:59:14 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

प्रदूषण बोर्ड और निगम ने मिलकर की कार्रवाई, नदी शुद्धीकरण के तहत सेक्टर-एफ में शुरू हुआ एसटीपी

इंदौर.
सरस्वती नदी में मिल रहे फैक्ट्रियों के गंदे पानी को रोकने की योजना पर काम शुरू हो गया है। सांवेर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-एफ में लगाए गए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) ने काम करना शुरू कर दिया है। सरस्वती नदी पर डेम बनाकर पानी रोकने के साथ यहां से गंदा पानी लिफ्ट करके एसटीपी तक लाकर शुद्ध किया जा रहा है।

कान्ह-सरस्वती नदी सफाई को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में लगी याचिका पर दोनों नदी पर पायलेट प्रोजेक्ट बनाकर काम किया गया। थोड़े दिन सब ठीक चला और काम भी हुआ। अब काम ठप होने के साथ फिर पहले जैसे हालात बनने लगे हैं। ऐसे में यह राहत वाली खबर है कि सरस्वती नदी में मिल रहे फैक्ट्रियों के गंदे पानी को रोकने की योजना पर काम शुरू हो गया है। सांवेर रोड में लगाए गए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) ने काम करना शुरू कर दिया है। सरस्वती नदी पर डेम बनाकर पानी रोकने के साथ यहां से गंदा पानी लिफ्ट करके एसटीपी तक लाकर शुद्ध किया जा रहा है। इसके बाद पानी को आगे कबीटखेड़ी में छोड़ा, जहां से सीधे शिप्रा में चला जाता है।

गौरतलब है कि सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित सरस्वती नदी में मिल रहे फैक्ट्रियों के गंदे पानी को लेकर निगम और प्रदूषण बोर्ड ने मिलकर कार्रवाई की। कई फैक्ट्री मालिकों के चालान बनाने के साथ जुर्माना लगाया गया। इस कार्रवाई से बचने के लिए एसटीपी प्लांट लगाया गया। इसके साथ ही फैक्ट्रियों का पानी नदी में जाने के बजाय पाइप लाइन के जरिए सीधे प्लांट पर जाने लगा है।

 

Saver road industrial area

दिसंबर-2019 तक का टारगेट
निगम ने कान्ह-सरस्वती नदी सफाई का काम दिसंबर-2019 तक पूरा करने का टारगेट रखा है। इन दोनों नदी में मिलने वाले सीवरेज को रोकने के लिए जहां नाला टेपिंग का काम चल रहा है, वहीं जल्द दोनों नदी पर स्टॉप डेम बनाने के साथ पानी शुद्धीकरण के लिए एसटीपी लगाने का काम शुरू होगा। यह टारगेट महापौर मालिनी गौड़ और आयुक्त आशीष सिंह ने तय किया है, ताकि शहर की इन दोनों नदियों का पुराना स्वरूप लौट सके।

नहीं शुरू हो पाया 30 किलोमीटर में काम
नदी शुद्धीकरण के तहत 30 किलोमीटर तक सफाई अभियान चलाने के साथ अन्य कई काम करने की प्लानिंग है। कान्ह, सरस्वती व फतनखेड़ी नदी पर काम करने की योजना है, जो कागजों से बाहर नहीं आई है, जबकि इन नदियों पर 1 अगस्त से काम शुरू होना था। एक महीने से ज्यादा गुजरने के बावजूद जिम्मेदार सरकारी अफसरों की बैठकों में मामला चल रहा है। प्लानिंग के तहत आजाद नगर से कृष्णपुरा छत्री, पीपल्यापाला से बद्रीबाग तक और बिजलपुर से रामबाग तक काम होना है, लेकिन शुरू नहीं हुआ। काम के लिए जिम्मेदारी भी बंट चुकी है, जो जल संसाधन विभाग, याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी और नगर निगम के पास है।

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