सरकारी अनाज बाजार में बेचने के लिए ले जा रहे लोगों को ग्रामीणों ने पकड़ा

35 क्विंटल गेहूं खापड़ी पाड़ा में बिच चुका था, ग्रामीणों ने पीछा कर पकड़ा और वीडियो भी बनाया

पेटलावद. जिले में सरकारी अनाज को खुलेआम व्यापारियों को बेचा जा रहा है। यह अनाज राशन की दुकानों से गरीबों बांटा जाना था। रविवार देर शाम खामड़ीपाड़ा में गेहूं की कालाबाजारी करते हुए ग्रामीणों ने एक ट्रक को पकड़ लिया। वेयर हाउस से ट्रक एमपी 45 एच 76 50 सरकारी गेहूं भरकर बरवेट के लिए निकलता है, किंतु वह ट्रक बरवेट के रास्ते पर न जा कर कानवन रोड के रास्ते पर जा रहा है। जहां आगे जाकर वह मेन रोड से फॉरेस्ट रेंज की ओर मुड़ गया। यह देख ग्रामीणों ने ट्रक का पीछा किया, तो पाया कि फॉरेस्ट एरिया में सुनसान स्थान पर ट्रक में से एक ट्रैक्टर में गेहूं उतारा जा रहा है। इस संबंध में ग्रामीण अपने अन्य साथियों को बुलाकर लाते हैं इतने में ट्रैक्टर चला जाता है। फिर ट्रक ड्राइवर व उसके अन्य साथियों से पूछताछ की जाती है तो वे कबूल करते हैं कि हमने 70 बोरी यानी 35 क्विंटल गेहूं खापड़ी पाड़ा निवासी कान्हा जायसवाल को बेचा है।

इस पर ग्रामीण उनसे पूछताछ करते हैं वे किसी तारखेड़ी के सेल्समेन के बारे में भी बताते है। इस संबंध में ग्रामीणों ने फूड इस्पेक्टर को सूचना दी और इस मामले में जानकारी दी। ग्रामीणों ने ड्राइवर और उसके साथियों द्वारा बताई गई पूरी बात की वीडियो रिकार्डिंग भी बनाई। कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों की सजगता से ही शराब का वाहन भी पकड़ा गया था। गेहूं की कालाबाजारी बेधडक़ जारी है। इसमें अधिकारियों की मिलीभगत साफ दिखाई दे रही है।

इस संबंध में फूड इस्पेक्टर आनंद सिंह चंगोड का कहना है कि उन्होंने जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं ग्रामीण भाजपा मंडल अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह गंगाखेडी का कहना है कि ग्रामीण जनता जागृत है जो अपने आसपास हो रहे इस प्रकार के अवैध कार्य को रोक रही है। प्रशासन से ज्यादा जनता मुस्तैद है। गेहूं की कालाबाजारी हो या शराब का अवैध परिवहन इसमें दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो रही।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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