गड़बडिय़ों पर लगाम...एमवायएच केेेे अधीक्षक सीधे नहीं खरीद पाएंगे दवाएं

साल में सवा करोड़ का था इमरजेंसी का बजट, अब सिर्फ अमृत योजना में होगी खरीदी

इंदौर. एमवाय अस्पताल में लगातार सामने आ रही गड़बडिय़ों को लेकर कॉलेज प्रबंधन ने अधीक्षक द्वारा की जाने वाली लोकल परचेस को बंद कर दिया है। अब केवल अमृत योजना से ही खरीदी की जा सकेगी। हालांकि, अमृत आउटलेट अस्पताल में खुले ६ माह हो चुके हैं, लेकिन अधीक्षक एमओयू में शर्त होने के बावजूद स्थानीय सप्लायर्स से खरीदी कर रहे थे।

अस्पताल में हर साल ६ करोड़ रुपए दवा खरीदी का बजट राज्य शासन द्वारा दिया जाता है। 80 फीसदी दवाओं के साथ उपचार की अन्य सामग्री की सप्लाई दवा कॉरपोरेशन द्वारा की जाती है। 20 फीसदी बजट इमरजेंसी में लोकल परचेस के लिए दिया जाता है। एमओयू में लोकल परचेस के तहत खरीदे जानी वाली दवा, इम्प्लांट, केमिकल व डिस्पोजल भी यहीं से ली जाना थी। कंपनी द्वारा लगातार प्रयास के बाद भी अधीक्षक डॉ. वीएस पाल ने खरीदी की प्रक्रिया शुरू नहीं की।

कमीशन के खेल पर लगेगी लगाम
6 करोड़ बजट के हिसाब से 1.20 करोड़ रुपए की खरीदी हर साल अस्पताल प्रबंधन द्वारा की जाती है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया की जाती है। टेंडर में कम रेट के हिसाब से ठेका दिया जाता है। दवा सप्लायर्स टेंडर में रेट कम करने के साथ
दवा की क्वालिटी से भी खिलवाड़ करते हैं।

&शासन के निर्देश पर एमवाय अधीक्षक को लोकल पर्चेस अमृत योजना के तहत करने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनी का अनुबंध केंद्र व राज्य सरकार से है, इससे लोकल परचेस की प्रक्रिया पारदर्शी होगी। साथ ही दवा के दाम और क्वालिटी की चिंता भी नहीं रहेगी।
डॉ. शरद थोरा, डीन एमजीएम मेडिकल कॉलेज

लड्डू लेकर विरोध करने पहुंचे
इंदौर. एमवाय अस्पताल में मरीजों की डाइट में की जा गड़बड़ी के विरोध में जन अधिकार संगठन ने अधीक्षक कक्ष में लड्डू रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हंगामे की स्थिति भी बनी। संगठन के सुनील खंडेलवाल ने बताया, शासन द्वारा उपयुक्त राशि देने के बाद भी उस राशि का भोजन प्रसूताओं को नहीं दिया जा रहा है। सारी व्यवस्था के लिए अधीक्षक जिम्मेदार हैं। संगठन ने मांग की है कि प्रसूताओं को अच्छा भोजन, लड्डू, फल दें, किचन में सफाई का ध्यान रखें, साफ बर्तनों में खाना बात जाए। अगर आपको लड्डू पसंद हैं और आप खरीदने में असमर्थ हैं तो हम रोज आपके निजी उपयोग के लिए लड्डू देंगे लेकिन गर्भवती महिलाओं को मानक स्तर और मापदंड अनुसार भोजन दें। विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे कार्यकर्ताओं को पहले मेन गेट पर रोका गया, काफी बहस के बाद वह अंदर गए। इसपर कर्मचारियों को लड्डू बांटकर कार्यालय के बाहर रख कार्यकर्ता रवाना हुए।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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