उत्कृष्ट व मॉडल स्कूल चल रहे प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे

नौ सरकारी स्कूल प्रभावित, शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति नहीं होने से बढ़ रही परेशानी

By: रमेश वैद्य

Published: 13 Jun 2021, 02:00 AM IST

इंदौर. कई सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रहे हंै। एक ओर शिक्षकों की कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों के अभाव में बच्चों को पढऩा पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर शहर के ९ सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां स्थायी प्राचार्य नहीं हैं। इसमें उत्कृष्ट व मॉडल स्कूल भी शामिल हैं। लंबे समय से इन स्कूलों में प्राचार्य नहीं होने से पढ़ाई और अन्य काम प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षकों को ही प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है। इन ९ स्कूलों में उत्कृष्ट विद्यालय और मॉडल स्कूल भी शामिल हैं। जो सरकारी स्कूलों में बेहतर माने जाते हैं। इस फेहरिस्त में शारदा कन्या विद्यालय, सुभाष हायर सेकेंडरी, उत्कृष्ठ बाल विनय मंदिर, मॉडल स्कूल गोम्मटगिरी, शासकीय स्कूल खजराना, कन्या हायर सेकेंडरी बेटमा, हायर सेकेंडरी स्कूल आगरा गांव देपालपुर, कन्या स्कूल संयोगितागंज, बालक स्कूल संयोगितागंज शामिल हैं।
स्कूलों का संचालन हो रहा प्रभावित
प्रभारी प्राचार्य होने से स्कूलों के संचालन और पढ़ाई में कई तरह की समस्याएं आती है। हायर सेकंडरी स्कूल में व्याख्याता को प्रभारी प्राचार्य बनाया जाता है। स्कूल में उनके समकक्ष और भी व्याख्याता होते हैं, पद बराबरी का होना से कई तरह की परेशानी होती है। प्रभारी प्राचार्य के पास प्रशासनिक और आहरण-वितरण का अधिकार नहीं होता है, जिससे संचालन में परेशानी आती है।

रमेश वैद्य Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned