सभी बसों में लगवाएं सीसीटीवी-जीपीएस

बसों में सीसीटीवी व जीपीएस अनिवार्य करने के प्रशासन के फैसले को सही ठहराया।

इंदौर. सभी स्कूली वाहनों सहित लोक परिवहन वाहनों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे लगाने के विरोध में बस मालिकों की याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है। निमाड़ बस ऑनर्स एसो. की याचिका पर न्यायालय ने अंतरिम राहत न देते हुए बच्चों व यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते सभी बसों में सीसीटीवी व जीपीएस अनिवार्य करने के प्रशासन के फैसले को सही ठहराया।

स्कूली बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा को लेकर १३ नवंबर २०१७ को हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी बसों में पर्याप्त सुरक्षा संसाधन लगाने के निर्देश दिए थे। इस पर १४ नवंबर को परिवहन आयुक्त ने निर्देश जारी किए थे, जिसमें सभी स्कूली बसों और लोक परिवहन वाहनों में ३१ दिसंबर के पहले सीसीटीवी कैमरे व जीपीएस सिस्टम लगाने के लिए कहा गया था। निमाड़ बस ऑनर्स एसो. ने याचिका में भू-तल परिवहन मंत्रालय की २८ नवंबर २०१६ को जारी अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि मंत्रालय ने सीसीटीवी व जीपीएस लगाने के लिए एक अप्रैल २०१८ तक का समय दिया है, इसके पहले यह फैसला लागू करना उचित नहीं है।

न्यायाधीश एससी शर्मा की बेंच के समक्ष शासकीय अधिवक्ता ने डीपीएस बस हादसे का उदाहरण पेश करते हुए कहा, भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए बस मालिकों के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। साथ ही बस ड्राइवरों का चरित्र सत्यापन भी होना चाहिए। तर्को से सहमत होते हुए कोर्ट ने परिवहन विभाग के पक्ष में फैसला सुनाते हुए याचिका खारिज कर दी।

नहीं आई डीपीएस की मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट, प्राचार्य पहुंचे कलेक्टोरेट
डीपीएस बस हादसे की मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट गुरुवार को भी कलेक्टर निशांत वरवड़े को नहीं मिली। इसी बीच डीपीएस के प्राचार्य सुदर्शन सोनार कलेक्टोरेट पहुंच गए। सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में तथ्य स्कूल प्रबंधन के खिलाफ है। इसी आधार पर समिति प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई प्रस्तावित कर सकती है। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर रुचिका चौहान को मजिस्ट्रियल जांच अधिकारी बनाया था। रिपोर्ट सोमवार को सबमिट की जाना थी, लेकिन पुलिस कार्रवाई की जानकारी नहीं आने के कारण कलेक्टर ने तीन दिन का समय दिया, यह समय भी गुरुवार को समाप्त हो गया। कलेक्टर वरवड़े के मुताबिक, रिपोर्ट शुक्रवार को मिल जाएगी। इसी दिन स्कूलों से भरवाया जाना वाला शपथ-पत्र भी जारी होगा।

 

अर्जुन रिछारिया Incharge
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