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ओवरलोड ‘हंस’ की बसों की खौफनाक दौड़

locationइंदौरPublished: Aug 03, 2023 07:14:42 pm

अवैध रूप से लगेज ढोने से यात्रियों की जान से खिलवाड़, शिकायत पर भी नहीं हो रही कार्रवाई

ओवरलोड ‘हंस’ की बसों की खौफनाक दौड़
इंदौर. हंस ट्रेवल्स की तेज रफ्तार बस भोपाल-देवास मार्ग पर अनियंत्रित होकर पलट गई। यात्रियों के मुताबिक बस लहराकर चल रही थी। हंस ट्रेवल्स की मनमानी जगजाहिर है। इंदौर से संचालित होने वाली इस ट्रेवल्स की बसें खुलेआम नियम तोड़ते हुए देखी जा सकती हंै। नियमों को ताक पर रखकर भारी भरकम लगेज बस में लादा जाता है, जो कि यात्रियों की जान से खिलवाड़ है। कई बार शिकायत के बाद भी अफसर कार्रवाई को तैयार नहीं हैं।
टनों वजनी लगेज से हादसे का हमेशा डर
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत यात्री बसों में केवल यात्रियों के बैग रखे जा सकते हैं। इसके लिए बस के नीचे निर्धारित कैबिन होता है। इसमें अन्य माल नहीं रखा जा सकता है, लेकिन ट्रांसपोर्ट की तर्ज पर माल ढोया जा रहा है। इतना ही नहीं बसों के ऊपर भी नियमविरुद्ध कैरियर बनाकर लगेज रखा जाता है। अत्यधिक वजन होने से बस कई बार नियत्रंण खो बैठती है। इससे ही हादसे होते हैं, लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। हंस ट्रैवल्स की करीब 125 से अधिक बसों का संचालन होता है।
सडक़ पर ट्रैफिक जाम
ढक्कनवाला कुआं से हंस ट्रेवल्स की बसों का संचालन होता है। नियम के हिसाब से अपनी जमीन से ही बसों का संचालन करना है पर बसें सडक़ तक खड़ी रहती हैं। शाम के वक्त तो एक के बाद एक बसों की आवाजाही होती है, जिससे कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। संचालकों की मनमानी से लोग परेशान होते हैं।
हंस ट्रेवल्स की बस बेकाबू होकर पिता-पुत्र पर पलटी, एक की मौत
सोनकच्छ देवास. हंस ट्रेवल्स की तेज रफ्तार बेकाबू यात्री बस (एमपी-09 एफए-9210) बुधवार सुबह 7 बजे भोपाल-देवास मार्ग स्थित बीसाखेड़ी फाटे पर अनियंत्रित होकर पलट गई। इससे सडक़ किनारे पैदल जा रहे पिता-पुत्र बस के नीचे दब गए। मशक्कत के बाद पिता राधेश्याम शर्मा निवासी सांवेर को पहले निकाला गया पर जिला अस्पताल ले जाते समय उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया। यात्री बस जबलपुर से इंदौर जा रही थी। उधर, देवास कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच के लिए सोनक‘छ पुलिस को भेजा है। हादसे में यात्री बद्री मुवेला निवासी खरगोन को चोट आने पर देवास रैफर किया। प्राची ओमकार राय निवासी जबलपुर का सोनक‘छ के अस्पताल में उपचार किया गया। बस में 45 से अधिक यात्री थे। कई अन्य यात्री भी घायल हुए हैं।
आपबीती : तेज थी रफ्तार, नहीं लग रहे थे ब्रेक
यात्री नगु मुलेवा ने बताया, बस की रफ्तार काफी तेज थी। हम लोग रात 9.15 बजे जबलपुर से इंदौर के लिए रवाना हुए। हादसे के पहले भी कई जगह बस लहराकर चल रही थी। कुछ जगह बस पेड़ों की डालों से टकराई भी थी।
दर्द से कराहता दो घंटे तक दबा रहा पुत्र
हंस ट्रेवल्स की बेकाबू बस के पलटने से मृतक राधेश्याम का पुत्र अर्पण शर्मा बस के नीचे दो घंटे तक दबा रहा। उसकी चीख सुन आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। क्रेन की मदद से बस को उठाया गया। अर्पण को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
समय-समय पर बसों की चेकिंग कर कार्रवाई की जाती है। अवैध रूप से लगेज ढोने वाली बसों पर शिकंजा कसेंगे।
- प्रदीप शर्मा, आरटीओ, इंदौर
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