क्रिसमस पर यात्रियों को रेलवे देने जा रहा ये खूबसूरत तोहफा, पढि़ए पूरी खबर...

क्रिसमस पर यात्रियों को रेलवे देने जा रही ये खूबसूरत तोहफा, पढि़ए पूरी खबर...

By: हुसैन अली

Published: 18 Dec 2018, 12:40 PM IST

इंदौर. क्रिसमस पर इंदौर सहित मालवा के पर्यटकों को रेलवे खुबसूरत तोहफा दे रहा है। 25 दिसंबर से पातालपानी-कालाकुंड के बीच हैरिटेज ट्रेन शुरू करने की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। यह ट्रेन पांच घंटे में 9.5 किलोमीटर लंबे सेक्शन का एक चक्कर लगाएगी। इस दौरान ट्रेन तीन स्थान टंट्या भील मंदिर, वाटरफॉल वैली व्यू, हैरिटेज ब्रिज नं. 647 पर रुकेगी। यहां से पर्यटक पातालपानी से कालाकुंड के बीच आने वाले प्राकृतिक नजारे 360 डिग्री वाले कैमरे से देख सकेंगे।

टिकट पर भी नजर आएगा पातालपानी

heritage

ट्रेन के संंचालन में सिग्नलिंग व अन्य उपकरण पुराने इस्तेमाल किए जाएंगे। टिकट पर पातालपानी झरने का फोटो होगा, जिस पर स्टॉम्प लगाई जाएगी। पातालपानी स्टेशन को हैरिटेज लुक दिया जा रहा है। टूरिज्म स्टॉपेज के साथ सेल्फी पॉइंट बनेंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए ट्रेन में कैटरिंग सुविधा मिलेगी।

ट्रेन से देखें सारे नजारे

हेरिटेज रेल में पर्यटक जिस कोच में बैठेंगे, उसमें बाहर 360 डिग्री पर मूव होने वाला कैमरा व अंदर स्क्रीन भी लगाई है। इससे पर्यटक बाहर के प्राकृतिक नजारे ट्रेन के अंदर से बैठकर ही देख सकेंगे। रविवार को डीआरएम आरएन सुनकर ने हेरिटेज रूट के लिए चल रही तैयारियों का जायजा लिया। महू, कालाकुंड स्टेशन का निरीक्षण कर लोकोशेड में रेल रेस्टोरेंट, हेरिटेज रेल के कोच आदि का काम देखा।

इसलिए चला रहे

142 साल पुराने अंग्रेजों के जमाने में बने महू-खंडवा मीटरगेज ट्रैक के पातालपानी-कालाकुंड घाट सेक्शन मप्र का पहला हेरिटेज रेल रूट रहेेगा। पातालपानी वाटर फॉल, टंट्या मामा मंदिर के समीप एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म भी बनाया गया है। जहां यह ट्रेन रुकेगी वहां पर्यटक उतरकर प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ ले सकेंगे।

डिब्बे में रेल रेस्टोरेंट

अंतिम स्टॉपेज कालाकुंड स्टेशन होगा, जो टूरिस्ट स्टॉप होगा। यहां रेल रेस्टोरेंट पुराने मीटर गेज के डिब्बे में बनाया जा रहा है, जहां पर्यटक खान-पान का लुत्फ ले सकेंगे। अन्य डिब्बों में रेल म्यूजियम बनेगा, जिसमें पर्यटक मीटर गेज की यादों को संजोते फोटोग्राफ्स व अन्य सामान देख सकेंगे।

दो डॉक्यूमेंट्री फिल्म हो रही तैयार

रूट पर दो डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बन रही हैं। इसमें एक 3 व दूसरी 10 मिनट की रहेगी। पर्यटकों को अंग्रेजों के जमाने में बने इस रूट का इतिहास बताने के साथ ही ट्रेन संचालन, रूट पर कौन-कौन से जानवर, जड़ी-बूटियां पाई जाती है, की जानकारी देंगे। इस फिल्म की शुरुआत 25 दिसंबर को होगी।

यहां किए यह निर्माण

पातालपानी वॉटर फॉल : टंट्या मामा मंदिर के सामने बनाया प्लेटफार्म। वाटर फॉल देखने के लिए वॉच टॉवर व पैदल ट्रैक बनाया।

कालाकुंड स्टेशन : रेल रेस्टोरेंट, रेस्ट हाउस के अलावा डेम, अतिरिक्त प्लेटफार्म और बोटिंग सुविधा की भी व्यवस्था की जा रही है।

पातालपानी स्टेशन : यहां पुरानी वस्तुओं से तैयार की गई जानवरों की आकृति लगाई है। दीवारों पर मनमोहक पेंटिंग करने के साथ सैलानियों के बैठने के लिए पुराने जमाने की कुर्सियां लगाई गई हैं। इसके अलावा अंग्रेजों के जमाने में काम आने वाले रेल पार्ट्स का संग्रहालय भी तैयार हो रहा है।

हुसैन अली
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