जानिए क्या हुआ जब टीचर को खराब व्यवहार के कारण स्कूल ने निकाला

जानिए क्या हुआ जब टीचर को खराब व्यवहार के कारण स्कूल ने निकाला
high court

Narendra Hazare | Updated: 08 Nov 2016, 07:27:00 PM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

स्कूल प्रबंधन ने पिछले साल शिक्षिका को खराब व्यवहार का हवाला देकर स्कूल ने निकाल दिया था।


इंदौर। आठ साल तक मंदसौर के प्रतिष्ठित दशपुर स्कूल में बच्चों को पढ़ा रही शिक्षिका को स्कूल प्रबंधन ने अप्रैल 2015 में यह कहते हुए निकाल दिया कि आपका व्यवहार ठीक नहीं है।


स्कूल प्रबंधन के फैसले के खिलाफ शिक्षिका ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, मंगलवार को कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला देते हुए उन्हें वापस नौकरी पर रखने के आदेश देते हुए इस अवधि का 25 प्रतिशत वेतन देने के भी आदेश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में माना है कि किसी भी स्कूल प्रबंधन को इस आधार पर शिक्षक को नौकरी से निकालने का अधिकार नहीं है। एडवोकेट सुनील वर्मा ने बताया, मंदसौर की कीर्ति बुगदे आठ साल से स्कूल में पढ़ा रही थीं, उन्हें पिछले साल अप्रैल में अचानक निकालने पर यह केस दायर किया था।


उन्होंने बताया हमने कोर्ट के समक्ष तर्क रखे थे कि किसी भी स्कूल को इस आधार पर नौकरी समाप्त करने के आधार नहीं हैं। उन्होंने बताया निजी स्कूलों के लिए 1975 में प्रदेश सरकार ने मप्र अशासकीय स्कूल विनियम अधिनियम पास किया था। इसकी धारा 9 के अनुसार किसी भी शिक्षक को इस आधार पर नौकरी से नहीं निकला जा सकता है। इस अधिनियम के अनुसार शिक्षकों की परेशानियां सुनने के लिए स्कूल ट्रिब्यूनल का गठन भी किया जाना था, हालांकि प्रदेश में अब तक इसका गठन नहीं हो सका है। कोर्ट ने उनके इन तर्कों से सहमत होकर किर्ती के पक्ष फैसला सुनाया है।
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