होली पर प्राकृतिक रंगों से मचाएं धमाल, ऐसे अपने घर ही करें तैयार

होली पर प्राकृतिक रंगों से मचाएं धमाल, ऐसे अपने घर ही करें तैयार

bhupendra singh | Publish: Mar, 17 2019 12:32:12 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

जमकर उड़ेगा रंग-गुलाल : घर पर ही रंग बनाने का दिया जा रहा प्रशिक्षण, एक हजार महिलाओं को सिखा चुके हैं

इंदौर. रंगों का त्योहार होली का माहौल बनने लगा है। गिले-शिकवे दूर कर हर कोई रंग-गुलाल के साथ खुशियों की बौछारों में सराबोर होने को तैयार है। खुशियों की इस रेलमपेल में मिलावटी और केमिकल वाले रंग खलल डालते हैं, इसीलिए शहर की एक संस्था कलांजलि ने होली पर प्राकृतिक रंगों से मिठास घोलने की पहल की है। जगह-जगह जाकर लोगों को घर पर ही प्राकृतिक रंग बनाना सिखा रहे हैं। इतना ही नहीं जो लोग रंग बेचते हैं, उन्हें भी हर्बल रंग बनाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं।

कलांजलि वेलफेयर सोसायटी के सदस्यों ने रंग-बिरंगे इस त्योहार की खुशियों दोगुना करने के लिए प्राकृतिक रंग बनाने की कला घर-घर पहुंचाने की ठानी है। 15 दिनों से संस्था के सदस्य शहर में सक्रिय है। सोसायटी, स्कूल, कॉलेज, बस्तियों और अन्य संस्थाओं में वर्कशॉप द्वारा केमिकलयुक्त रंगों के नुकसान और हर्बल रंगों के फायदे बता रहे हैं। लोगों को हर्बल रंग बनाना भी सिखाया जा रहा है ताकि लोग घर पर बने हर्बल रंगों से जमकर होली खेले। संस्था का उद्देश्य परंपरा में प्रकृति के रंगों को शामिल कर केमिकल रंगों के नुकसान से बचाना है।

केमिकल युक्त रंग हैं नुकसानदायक
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. शुकेन दशोरे ने बताया, मिलावटी और केमिकल युक्त रंग बाजार में मिल रहे हैं। इन रंगों से होली खेलना नुकसानदायक हो सकता है। त्वचा, मुंह और आंखों को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए केमिकल रंग से बचना चाहिए। रंगों में मिले केमिकल से आंखों और त्वचा में जलन, एलर्जी, बॉडी का रंग काला पडऩा, त्वचा जलने की समस्या हो सकती है। इसलिए सभी होली पर आर्गेनिक रंगों का इस्तेमाल करें।

हर्बल रंग है फायदेमंद
कलांजलि वेलफेयर सोसायटी के सदस्य प्राकृतिक तरीके से रंग बना रहे हंै। रंग एेसी चीजों से बनाया जाता ह,ै जिससे त्वचा को नुकसान न हो। साथ ही ऐसी चीजें इस्तेमाल कर रहे हैं, जो त्वचा के लिए फायदेमंद होती है। फूलों, हल्दी, चुकंदर, लालभाजी, पालक, पुदीना, अखरोट, आंवला आदि से पीला, ऑरेंज, लाल, हरा, काला, ब्राउन और गुलाबी रंग तैयार किया जा रहा है। इन चीजों से सूखा और गीला दोनों तरह का रंग बना सकते हैं।

रंग वालों को ट्रेनिंग
कलांजलि की हेमलता कुमार स्कूल, कॉलेज, सोसायटी, आश्रमों में रंग बनाने का नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रही हैं। साथ ही रंग बेचने वालों को भी सिखाया जा रहा है। हेमलता का कहना है, हर्बल कलर आसानी से नहीं मिलते। इसके लिए रंग बेचने वालों में दिलचस्पी पैदा करेंगे तो लोगों को आसानी से हर्बल रंग उपलब्ध होंगे। हेमलता के साथ संस्था के नरेंद्र कुमार, गीतांजलि दांडे, अनुपमा दुमाले, विजयलक्ष्मी शॉक, सृष्टि संगतीयानी और रीता सोनवने काम कर रहे हैं।

एेसे बना सकते है प्राकृतिक रंग
पीला रंग -
कच्ची हल्दी को पानी में मिलाकर पीसकर छान लें। ताजे गेंदे के फूलों को पानी में उबालकर छान लें। सुखा रंग बनाने के लिए दोनों के पेस्ट में अरारोट पावडर मिलाकर सूखने दें। सूखा पीला रंग तैयार हो जाएगा। गीले रंग के लिए इसी पेस्ट में पानी मिला दें।
ऑरेंज रंग - पलाश के फूलों को पानी में उबालकर छान लें, इससे आपका गीला रंग तैयार हो जाएगा। इसके पेस्ट में अरारोट मिलाकर सूखा देने से ऑरेंज रंग बन जाएगा।
लाल रंग - चुकंदर को काटकर मिक्सी में पीस लें फिर छानें। लाल भाजी को उबालकर उसे भी छान लें। दोनों के पेस्ट को मिलाकर पानी में डालने से लाल रंग बन जाएगा। सूखे रंग के लिए इसी पेस्ट में अरारोट पावडर मिलाकर सूखा लेंे।
हरा रंग - मिक्सी में पुदीने को पीस लें, गर्म पानी में पालक डालकर थोड़ी देर ढंककर रख दें फिर गीले पालक को भी पीस लें। दोनों के पेस्ट में पानी मिलाएंगे तो गीला कलर और अरारोट पावडर पेस्ट में मिलाकर सूखाएंगे तो सूखा रंग तैयार हो जाएगा।
ब्राउन रंग - अखरोट की छाल को उबालकर उसे ठंडा होने पर छान लें। पेस्ट में पानी मिलाकर गीला और अरारोट पावडर मिलाने पर सूखा रंग बना सकते है।
काला रंग - अंावला पावडर को लोहे के बर्तन में भीगो कर कुछ देर रखने से काला रंग बन जाएगा।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned