होप टेक्सटाइल की जमीन : टीएंडसीपी ने किया घोटाला

निगमायुक्त ने जांच को कहा, सरकार ने दी थी 4.81 एकड़ की वाणिज्यिक उपयोग की अनुमति, 11.93 एकड़ स्वीकृत

By: Mohit Panchal

Published: 24 Jul 2018, 11:07 AM IST

इंदौर। नगर निगम करोड़ों रुपए खर्च करके गांधी हॉल का जीर्णोद्धार करवा रहा है। यहां एक सड़क भी बनाई जानी है, जिसमें कानूनी पेंच है। अफसरों ने जब फाइल खंगाली तो नया घोटाला सामने आ गया। होप टेक्सटाइल को सरकार ने 4.81 एकड़ जमीन की वाणिज्यिक अनुमति दी थी, लेकिन टाउन एंड कंट्री प्लानिंग वालों ने 11.93 एकड़ पर विकास अनुज्ञा दे दी। निगमायुक्त ने पूरे मामले की जांच करने का अनुरोध किया है।

नगर निगम गांधी हॉल से लगे माल गोदाम, नयापुरा, होप टेक्सटाइल मिल होते हुए कमिश्नर ऑफिस तक की सड़क बनाना चाहता है। प्रयास है कि ये काम गांधी हॉल के जीर्णोद्धार के साथ ही हो जाए। इसमें होप टेक्सटाइल की ओर से अड़ंगा डाल दिया गया। निगमायुक्त आशीष सिंह ने मामला समझा। दस्तावेजों की पड़ताल की तो नई कहानी सामने आ गई, जो चौंकाने वाली थी। इस पर उन्होंने मामले की जांच कराने के लिए कलेक्टर निशांत वरवड़े से कहा है, ताकि गड़बड़ी का खुलासा हो सके और दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।

ये है मामला

गांधी हॉल के पीछे होप टेक्सटाइल मिल की 22.24 एकड़ जमीन है, जिसे 1939 से 1999 तक मेसर्स नंदलाल भंडारी एंड संस को 5 लाख रुपए की लीज पर दी गई थी। ये 1976 में होप टेक्सटाइल के नाम हो गई। मिल की वित्तीय स्थिति खराब होने व मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए जून 1982 में एक फैसला आया और होप टेक्सटाइल की कुल जमीन में से 8.24 एकड़ पर मिल माना गया।

बची 14 एकड़ जमीन में से 2.626 एकड़ जमीन पर 80 फीट चौड़ी सड़क दी गई। शेष जमीन 6.8 एकड़ में से 4.5496 एकड़ पर कंपनी को वाणिज्यिक व आवासीय उपयोग के लिए विकसित करने की अनुमति दी गई। बकायदा नक्शा तैयार किया गया, जिस पर राजस्व व पर्यावरण मंत्री के हस्ताक्षर हुए।

प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग ने 10 जुलाई 1984 को शासन के आदेश पर 4.81 एकड़ जमीन को छूट प्रदान कर दी, लेकिन टीएंडसीपी ने 3 दिसंबर 2002 को इंदौर कस्बे के खसरा नंबर 282/2 की कुल 22.24 एकड़ में से 10.30 एकड़ जमीन पर कॉरपोरेट डेवलपमेंट के अंतर्गत वाणिज्यिक विकास की अनुमति दे दी।

28 अक्टूबर से केएल बम होप टेक्सटाइल को 11.93 एकड़ जमीन पर कॉरपोरेट डेवलपमेंट के अंतर्गत वाणिज्यिक विकास की अनुमति दी गई। टेक्सटाइल को 11.93 एकड़ जमीन पर विकास अनुमति जांच का विषय है।

शासन ने कर रखी सरकारी घोषित
गौरतलब है कि पांच साल पहले जिला प्रशासन ने होप टेक्सटाइल की जमीन को सरकारी घोषित कर दिया था। इस पर होप टेक्सटाइल के मालिक केएल बम ने हाइ कोर्ट में याचिका लगा रखी है। मामला वर्तमान में कोर्ट में है।

Mohit Panchal Reporting
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