कैसे खत्म हो भ्रष्टाचार! पटवारी का मामला खत्म, इंजीनियर को भी राहत

चर्चित अफसरों के मामले में न चालान और न ईडी कर रहा मनी लाड्रिंग का केस .....

 

प्रमोद मिश्रा

इंदौर. भ्रष्टाचार और काली कमाई के खिलाफ वैसे तो कई एजेंसियां काम कर रही हैं लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जोर-शोर से छापे डालने और केस दर्ज होने के बाद मामले अंजाम तक नहीं पहुंच रहे है। चर्चित अफसरों के मामलों में सालों बाद चालान पेश नहीं पेश हो पाया, ईडी ने भी जांच का दावा किया लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज नहीं कर पाई। यही नहीं लोकायुक्त ने दो साल पहले पटवारी के घर मारे छापे में खात्मा कर दिया, वहीं तीन लाख रुपए की रिश्वत के मामले में पीडब्ल्यूडी इंजीनियर को भी राहत मिल गई है। बड़े पुलिस अफसर को ऐसे में मामले में मिली कथित क्लीनचिट का मामला चर्चा में है। यही अफसर नहीं, कई ऐसे मामले हैं, जिनमें कथित तौर पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाती है।

एक मामले का खात्मा तो दूसरों में भी ऐसी ही स्थिति

2018 में लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति मामले में पटवारी जाकिर के ठिकानों पर छापा मारा थाए लेकिन सबूत ही इकट्ठा नहीं कर पाए। मामले में खात्मा कर दिया है। सबूत नहीं होने पर मुख्यालय ने भी मंजूरी दे दी। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर पर भी 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकडऩे पर केस बनाया था। इस केस में भी पर्याप्त सबूत नहीं इकट्ठा हो पाए। नतीजन मुख्यालय ने खात्मे को मंजूरी दे दी है। हालांकि इंजीनियर के मामले की अफसर पुष्टि नहीं कर रहे।

नहीं हो पा रहा आवाज का मिलान

पीडब्ल्यूडी के ब्रिज सेल के इंजीनियर आरएन मिश्रा के खिलाफ 2018 में 5 लाख की रिश्वत के मामले में आवाज की रिकार्डिंग के आधार पर केस दर्ज हुआ था। आवाज का मिलान नहीं होने पर केस खात्मे की ओर है। इंजीनियर रिटायर्ड हो चुके हैं। वन विभाग के वरिष्ठ अफसर भी आवाज के आधार पर केस दर्ज हुआ था, भोपाल लैब से आवाज का मिलान नहीं हो पाया। हालांकि बाद में आवाज का सैंपल चंडीगढ़ भेजा गया लेकिन आगे बढऩे की स्थिति नहीं है।

बेलदार से लेकर इंजीनियर तक पर ईडी की नजर, लेकिन केस नहीं
लोकायुक्त में चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों की एफआइआर के आधार पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) भी वर्षों से जांच कर रहा है लेकिन न लोकायुक्त ने चालान पेश किया और न ईडी मनी लाड्रिंग का केस दर्ज कर पाया। ईडी ने नगर निगम के बेलदार असलम खान को लेकर जरूर कदम आगे बढ़ाए हैं। असलम खान की कई संपत्तियां छापे में सामने आई थी, आयकर ने इन्हें अटैच कर लिया है। ईडी ने भी असलम खान की संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग का केस मानते हुए जांच आगे बढ़ाई है। जांच अधिकारी डीएसपी संतोषसिंह भदौरिया के मुताबिक, संपत्ति के दस्तावेज नहीं मिलने से असलम की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।

अनिता कुरोठे से लेकर पराक्रम तक सिर्फ जांच के घेरे में
लोकायुक्त ने सितंबर 2017 में डीएंडसीपी की देवास में पदस्थ तत्कालीन उपसंचालक अनिता कुरोठे के घर पर कार्रवाई की थी। बड़े बिल्डर से सांठगांठ की आशंका थी। कई दुकानें, होटल में पार्टनरशिप मिली। ईडी ने जांच शुरू की लेकिन न लोकायुक्त अब तक चालान पेश कर पाया और न ईडी ने केस दर्ज किया। अफसरों का तर्क है, जांच चल रही है।

अप्रैल 2018 में आबकारी विभाग के चर्चित अधिकारी पराक्रमसिंह चंद्रावत के निवास पर छापा मारा गया। ईडी ने एफआइआर लेकर जांच शुरू की है। हालांकि अब जाकर शासन से चालान पेश करने की अनुमति मिली है। लोकायुक्त ने अफसर के साथ ही पत्नी को आरोपी बनाया है। निरीक्षक राजकुमार सराफ जल्द चालान पेश करेंगे

प्रमोद मिश्रा Reporting
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