खुशखबरी: सोने-चांदी के दाम में आई भारी गिरावट, सराफा बाजार में हो रही भीड़, नए पैटर्न की भारी ज्वेलरी बन रही पंसद

- नए पैटर्न की भारी ज्वेलरी बन रही पंसद
- पिछले साल से सोना 8 हजार और चांदी 5 हजार रुपए तक हुई सस्ती

By: Ashtha Awasthi

Published: 14 Sep 2021, 11:15 AM IST

इंदौर। कोरोना महामारी के बाद लोगों में आए सेविंग सेंस ने सराफा का सेंसेक्स बढ़ा दिया है। पिछले साल त्योहारी माहौल की तुलना में वर्तमान में ही दो-तीन गुना यानी 300 प्रतिशत तक व्यापार बढ़ गया है। वर्तमान में शादी के साथ त्योहार की ज्वेलरी की खरीदी भी खूब हो रही है। इन सबके पीछे का बड़ा राज हैं, सोने-चांदी के दामों में स्थिरता और पिछले साल के मुकाबले आई कमी है। इस समय सोना करीब 8 हजार रुपए तोला और चांदी 5 हजार रुपए सस्ती मिल रही है।

सराफा कारोबारी भी हॉल मार्किंग की विश्वसनीयता के साथ दुकानों की तरफ रुख कर रहे ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नए-नए पैटर्न की आकर्षक ज्वेलरी प्रस्तुत कर रहे हैं। शादी के खर्चों में आई कटौती ने सराफा बाजार की चांदी कर दी हैं। ज्वेलर्स इस समय दो साल में बाजार का श्रेष्ठ व्यवसाय कर रहे हैं।

कारोबारियों के अनुसार कोरोना के सालों की तुलना में इस साल रक्षाबंधन और गणेशोत्सव से ही सराफा का कारोबार बेहतर हो गया है, क्योंकि लोग शादी के साथ ही त्योहारी बुकिंग और खरीदी कर रहे है। सराफा कारोबारियों में बदले माहौल को ले कर खासा उत्साह है। आगामी पुष्य नक्षत्र, धनतेरस और दीपावली पर खरीदी की विशेष तैयारी कर रहे हैं।

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हॉल मार्किंग से ग्राहकों में बढ़ा विश्वास

कारोबारियों के अनुसार वर्तमान में सोन-चांदी के दाम स्थिर और रीजनेबल बने हुए हैं। पिछले साल अगस्त में सोना 58-60 हजार रुपए व सितंबर में 55 हजार के आसपास बिका। इस साल सोने के दाम 48 49 के बीच बने हुए हैं। चांदी की स्थिति में भी खासा सुधार हुआ है। चांदी भी 76 हजार के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। इस साल 65 हजार के आसपास बनी हुई है। सरकार ने हॉल मार्किंग अनिवार्य करके बाजार की विश्वसनीयता को और बढ़ा दिया है।

दीपावली बाद ज्वेलरी में शुरू हो जाएगी वेटिंग

आनंद ज्वेलर्स के गौरव आनंद का कहना है, वर्तमान में सराफा का कारोबार बहुत अच्छा है। ज्वेलरी की मांग अच्छी है। कोरोना के बाद जिस तरह के बदलाव आए हैं, उसका फायदा बाजार को मिल रहा है। शादियों की खरीदी के लिए लोगों की सोच बदल गई है। खच्चों में आई कमी से हो रही बचत सोने की खरीदी में लगा रहे हैं। तीन साल पहले हल्की ज्वेलरी का ट्रेंड था। अब बदल गया है, शादी के लिए भारी गहने खरीद रहे हैं। शुद्धता के साथ ऑफर के बजाय नए-नए डिजाइन पैटर्न ला रहे हैं। आने वाले दिनों में मांग और बढ़ेगी। यदि ऐसा ही माहौल जारी रहा तो दीपावली तक ज्वेलरी की बेटिंग भी शुरू हो जाएगी।

Ashtha Awasthi
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