OMG : शातिर पति-पत्नी ने किसानों के नाम पर ले लिया 150 करोड़ का लोन

OMG : शातिर पति-पत्नी ने किसानों के नाम पर ले लिया 150 करोड़ का लोन

Hussain Ali | Publish: Apr, 06 2019 04:05:47 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

शातिर पति-पत्नी ने किसानों के नाम पर ले लिया 150 करोड़ का लोन

इंदौर. किसानों से जमीन का सौदा करने के बाद कुछ अग्रिम राशि देकर जमीन को गिरवी रख करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपए का लोन लेने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में दंपती को पकड़ा गया है, जबकि आरोपी युवक के दो भाई व अन्य रिश्तेदारों की तलाश की जा रही है। जमीन का सौदा करने के बाद एग्रीमेंट कराकर फर्जी कंपनियां बनाई जाती थीं, इसके बाद बैंक व वित्त निगम से लोन ले लिया जाता था। राशि जमा नहीं होने पर किसान को जब वसूली का नोटिस गया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। आरोपी विदेश भागने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही पकड़े गए।

एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र के मुताबिक, बेटमा निवासी किसान मुकेश कलोता ने जमीन की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। मुकेश की बेटमा में जमीन है। बेटे अनमोल को कैंसर होने के कारण इलाज के लिए मुकेश को पैसों की जरूरत पड़ी तो किसान ने जमीन बेचने का फैसला लिया। मुकेश ने मेसर्स वेंकटेश सिलीकान एंड इंफ्रारियल इंडिया प्रा.लि. कंपनी के तर्फे संजय द्विवेदी से सौदा किया। फर्म का संचालन चेत चेंपर बिल्डिंग से होना बताया गया था। जमीन का सौदा 4 करोड़ 76 लाख में हुआ, जिसका अनुबंध तैयार हुआ। एक लाख टोकन मनी और बाद में साढ़े 15, साढ़े 15 लाख के दो चेक दिए। इस तरह किसान को 32 लाख का भुगतान किया गया।

इस तरह किया धोखा, बेटे को डायरेक्टर बनाने का दिया झांसा

जमीन का सौदा कर अनुबंध करने के बाद शेष राशि के लिए 3 चेक दिए गए जो बाउंस हो गए। इस दौरान संजय ने अन्य आरोपी परिजन के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। उसने मप्र वित्त निगम से लोन लेने के लिए उप पंजीयक कार्यालय में मेसर्स अमिताय ट्रेडिंग कंपनी व मेसर्स श्री व्यंक्टेश इंजीनियर प्रोजेक्ट कंपनी के नाम गिरवी अनुबंध किया। एएसपी अमरेंद्रसिंह के मुताबिक, किसान को गुमराह करते हुए संजय द्विवेदी ने पक्की लिखा पढ़ी करने का झांसा देकर पंजीयन कार्यालय बुलाया और हस्ताक्षर करवा लिए। बाद में किसान को झांसा दिया कि एक फर्म खोल रहे हैं, जिसमें उसके बेटे को डायरेक्टर बनाएंगे। इसके बाद वित्त निगम के ऑफिस को स्वयं का ऑफिस बताते हुए वहां बुलाया और लोन की फाइल जो अंग्रेजी में थी, उस पर हस्ताक्षर करवाकर जमीन के मूल दस्तावेज व रजिस्ट्री ले ली। किसान को अंग्रेजी नहीं आती थी, इसलिए उसे बताया गया कि नई फर्म खोलने की प्रक्रिया कर रहे हैं।

मुंबई में बैंकों से लिए करोड़ों का लोन

पुलिस के मुताबिक मुकेश कलोता की तरह कई किसानों के साथ आरोपियों ने धोखाधड़ी की। सभी से जमीन का सौदा करने के एवज में अनुबंध कराया। बयाने में कुछ राशि दी और फिर उनकी जमीनों पर अलग-अलग फर्म बनाकर लोन लेते रहे। अन्य किसानों ने भी संजय की शिकायत की थी, जिस पर एसआइटी बनाकर जांच की गई। संजय के नाम से समर्थ इंफ्रा बील्ड (इंडिया) प्रा.लि. नाम की कंपनी है। इसने बैंक ऑफ इंडिया तारदेव रोड मुंबई से 6.52 करोड़, 13 करोड़ व 15 करोड़ के अलग-अलग लोन लिए। इसी तरह एसबीआई से 8.75 करोड़, बैंक ऑफ इंडिया से 2.70 करोड़ लिए गए।

भाई व अन्य के नाम से खोल ली डेढ़ दर्जन कंपनियां

वित्त निगम ने अमिताय ट्रेडिंग कंपनी (प्रो. अमित द्विवेदी व रोहित शर्मा) तथा व्यंकटेश इंजीनियर प्रोजेक्ट कंपनी (प्रो. अमित द्विवेदी) को 1.25-1.25 करोड़ कुल ढाई करोड़ रुपए लोन स्वीकृत कर दिया। जिस जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई थी, उसे बंधक रख दिया। संजय द्विवेदी साथी राजेश शुक्ला निवासी कारसदेव नगर, अमित द्विवेदी निवासी स्कीम न. 94, विजय द्विवेदी निवासी स्कीम न. 94, रोहित शर्मा निवासी जगन्नाथ कॉलोनी ने डीड ऑफ गारंटी में हस्ताक्षर भी किए। अमित व विनय आरोपी संजय के भाई हैं और अन्य आरोपी रिश्तेदार। जांच में पता चला कि अमिताय ट्रेडिंग कंपनी को स्टेशनरी व जनरल मटेरियल के क्रय-विक्रय का कार्य बताकर पंजीयन कराया गया था, जबकि लोन लेने के लिए बताया कंपनी परिवहन व्यवसाय, लोडिंग, ग्रेडिंग व कोल संबंधी कार्य करती है। इस तरह कंपनी की जानकारी में भी फर्जीवाड़ा किया। किसान को किसी तरह की आपत्ति न हो इसलिए आरोपी ने किसान को विश्वास में लिया और उसे शेष राशि के 3 चेक फिर दिए। जांच में 18 कंपनियों का पता चला, 7 कंपनियां संजय की पत्नी नेहा के नाम से रजिस्टर्ड थीं। इसीलिए उसे पकड़ा।

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