scriptIIM will prepare Indore model of beat policing | आईआईएम तैयार करेगा बीट पुलिसिंग का इंदौर मॉडल | Patrika News

आईआईएम तैयार करेगा बीट पुलिसिंग का इंदौर मॉडल

डायल 100 व्यवस्था को भी बेहतर बनाने पर जोर, कार्यप्रणाली बेहतर बनाने व संसाधन जुटाने पर होगा शोध

इंदौर

Updated: August 14, 2021 05:23:26 pm

इंदौर. पुलिस कार्यप्रणाली, बीट व्यवस्था व डायल-100 की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आईआईएम इंदौर 6 महीने तक शोध करेगा। इंदौर पुलिस मॉडल बनाएगा, जिसे प्रदेश के साथ देश में लागू किया जा सकता है। जिले में पुलिस की कई हेल्पलाइन और सेवाएं संचालित हो रही है, लेकिन एक हजार लोगों की सुरक्षा के लिए एक पुलिसकर्मी मौजूद हैं।

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ऐसी है इंदौर जिले की पुलिस व्यवस्था
शहर में 45 थाने और 5 स्पेशल थाने हैं। जिले की 40 लाख आबादी है। वही 01 हजार नागरिकों पर एक पुलिसकर्मी है। जवकि 25 हजार 500 अपराध एक साल मेंदर्ज होते हैं। शहर में डायल 100 से संबंधित 50 एफआरवी सक्रिय हैं। वही 125 जगहों पर 630 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।

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शोध के विषय
आईआईएण में इंदौर पुलिस की कार्य प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए गस्त करने वाले पुलिसकर्मियों और डायल 100 का बेहतर उपयोग करने। पुलिस और जनता के बीच के बेहतर समन्वय रहे, इस पर योजना बनाएंगे और पुलिस बल के साथ संसाधन की कमी दूर करने के प्रयास करेंगे। इन तीन प्रमुख विषयों पर शोध किया जाएगा।

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आइआइएम डायरेक्टर डॉ. हिमांशु राय और आइजी हरिनारायणाचारी मिश्रा ने एक एमओयू साइन किया है। पुलिस कंट्रोल रूम में हुए आयोजन में वर्चुअल तौर पर दिल्ली से एडीजी ट्रेनिंग अनुराधा शंकर और मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भोपाल के उपनिदेशक विनीत कपूर मौजूद रहे। डीआइजी मनीष कपूरिया, एसपी पीटीसी अगम जैन, एएसपीमनीषा सोनी और प्रमोद सोनकर विशेष रूप से मौजूद रहे।

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अनुराधा शंकर, एडीजी ट्रेनिंग ने कहा कि पुलिसिंग की महत्वपूर्ण कड़ी आरक्षक होता है। आरक्षक बीट में रहता है, तो आम लोगों से सीधा संपर्क रहता है। सिपाहियों को महत्व देना चाहिए। आइआइएम द्वारा किए जा रहे शोध को सफल बनाने में सहयोग किया जाएगा। इस शोध से पुलिसिंग को नई नींव प्राप्त होगी तथा पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।

आईजी हरिनारायणाचारी मिश्रा ने कहा कि स्टाफ की कमी के कारण पुलिसकर्मियों पर बोझ रहता है। अनियमित कार्यप्रणाली, खाना आदि से पुलिसकर्मी कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं। कोरोना काल में विभिन्न शोध से सामने आया है कि अपराध रोकने के साथ अन्य जिम्मेदारी निभाने में पुलिस आगे रही है। उम्मीद है आइआइएम के शोध के बाद समन्वय से पुलिस बेहतर होगी।

इंदौर आइआइएम के डायरेक्टर डॉ. हिमांशु राय ने कहा कि पुलिस का काम सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं होता, महामारी व संकट में पुलिस से उम्मीदें रहती हैं। एक हजार लोगों पर एक पुलिसकर्मी उपलब्ध है, जिससे साफ है कि पुलिस पर उत्तरदायित्वों और अपेक्षाओं का बोझ है। हम बीट सिस्टम पर शोध करेंगे। छह महीने में कंट्रोल, बीट व्यवस्था, थानों का निरीक्षण कर इंदौर पुलिस मॉडल तैयार करेंगे।

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