9 शराब अहाते सील, गैंगस्टर सतीश भाऊ और अन्य बदमाशों की जेबें भरते थे अहाते

2 प्रतिशत फीस डकारकर 20 शराब दुकानों में चल रहे अहाते, आबकारी विभाग ने साधी चुप्पी



इंदौर। ठेकेदार पर गोलीकांड के बाद सवाल उठे तो आबकारी विभाग ने करीब 9 अहाते सील कर दिए। अनियमितताओं के कारण अहाते सील करने की बात कहीं जा रही है जबकि सच्चाई है कि इन अहातों से गैंगस्टर सतीश भाऊ व अन्य बदमाश जुड़े थे, उनकी जेबें भरी जा रही थी। शहर में करीब 20 अहाते अवैध रूप से चल रहे है, 2 प्रतिशत फीस डकारकर अधिकारियों की सांठगांठ से इनका संचालन होता है।
आबकारी विभाग की टीम अब अहातों की जांच में लगी हुई है। दो दिन की कार्रवाई के बाद 9 अहातों को सील कर दिया है। इसमें मालवा मिल शराब दुकान का चर्चित अहाता भी शामिल है। हत्या के मामले में जब सतीश भाऊ जेल में था तब से ही इस अहाते से उसका नाम जुड़ गया था। इस अहाते को भी आबकारी विभाग ने सील कर दिया है।
सीएसपी का हो चुका विवाद
मालवा मिल की शराब दुकान को लेकर दो साल पहले तत्कालीन सीएसपी व ठेकेदार का विवाद हो चुका है। सीएसपी ने अहाते को अवैध बताकर बंद करा दिया था लेकिन ठेकेदार व आबकारी विभाग ने वसूली का आरोप लगाकर इसे फिर से खुलवा दिया।
बंबई बाजार, एमआर-10 पर भी कार्रवाई
आबकारी विभाग ने 9 अहाते सील किए है। सहायक आबकारी आयुक्त राजनारायण सोनी के मुताबिक, मालवा मिल की अंग्रेजी शराब दुकान के अहाते के साथ ही बंबई बाजार, काछी मोहल्ला, पिगंडर, एमआर-10 आदि 9 अहातों को अनियमितता के कारण बंद किया है। दरअसल शराब ठेकेदारों के बीच हुए गोलीकांड में मुख्य विवाद अहातों की कमाई ही है। पानी के पाउच से लेकर नमकीन आदि सामान यहां ज्यादा कीमत में बेचे जाते है, सामग्री कम दी जाती है। शराब पीने वाले विरोध करें तो उसकी पिटाई कर देते है, पुलिस का साथ रहता है इसलिए पीटने के बाद उस पर केस भी दर्ज करा दिया जाता है।

प्रमोद मिश्रा Reporting
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