स्वास्थ्य विभाग, वर्कशॉप सुधर गए आप लोग क्यों नहीं सुधर रहे

स्वास्थ्य विभाग, वर्कशॉप सुधर गए आप लोग क्यों नहीं सुधर रहे

Arjun Richhariya | Publish: Mar, 14 2018 09:24:58 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

वसूली के लिए महापौर ने दिखाई सख्ती....

इंदौर. आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रही नगर निगम में वेतन बांटने के भी लाले पड़ रहे हैं। निगम की इस स्थिति के चलते मंगलवार को महापौर मालिनी गौड़ का गुस्सा फट पड़ा। निगम के राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए महापौर ने अफसरों को यहां तक कह दिया कि जब निगम के स्वास्थ्य विभाग, वर्कशॉप जैसे विभाग सुधर सकते हैं, तो आप लोग क्यों नहीं सुधर रहे। शहर के विकास में आप लोग क्यों योगदान नहीं दे रहे हैं।

महापौर सचिवालय पर हुई इस समीक्षा बैठक में निगम राजस्व विभाग के सभी अफसरों के साथ महापौर ने समीक्षा बैठक ली। इस दौरान निगम के अधिकारी अगले 15 दिनों में 55 करोड़ रुपए की वसूली के लक्ष्य लेकर पहुंचे थे। महापौर ने जोनवार समीक्षा शुरू की। इस दौरान अफसरों ने उनकी वसूली की स्थिति और 31 मार्च तक होने वाली वसूली की स्थिति भी बताई। अफसरों ने महापौर को बताया कि पिछले साल से अभी तक 40 करोड़ रुपए की अधिक वसूली की जा चुकी है।

महापौर ने जोनवार बड़े और पुराने बकायादारों की सूची रखते हुए सीधा सवाल किया कि इन लोगों से वसूली क्यों नहीं हो पा रही है? महापौर ने कहा, इन बकायादारों से ही 400 करोड़ से ज्यादा की वसूली करनी है। इसमें से 100 करोड़ रुपए की कम से कम वसूली की जाए। जोनवार बकायादारों की लिस्ट भी उन्होंने सभी अफसरों को सौंपी।
200 करोड़ बकाया

फरवरी माह में वसूली नहीं होने के कारण निगम ने बड़ी मुश्किल से पांच मार्च को वेतन बांटा। वहीं, ठेकेदारों को निगम पेमेंट नहीं कर पा रहा है। निगम पर लगभग 200 करोड़ से ज्यादा की राशि बकाया हो चुकी है।

कम वसूली हुई तो सीधी कार्रवाई
महापौर ने कहा, वे मार्च में ही एक बार फिर से वसूली की समीक्षा करेंगी। वसूली कम हुई तो सीधी कार्रवाई की जाएगी। वसूली पर नजर रखने के लिए एक सिस्टम भी तैयार किया है, जिसमें प्रतिदिन अपर आयुक्त राजस्व समीक्षा करेंगे और निगमायुक्त को हर तीसरे दिन समीक्षा करेंगे।

अब सजा देेंगे
सभी अफसरों को पुरानी वसूली पर ज्यादा ध्यान देने के लिए कहा है। हम जितना काम कर रहे हैं, उसके हिसाब से वसूली नहीं हो पा रही है। ऐसे में वसूली नहीं करने वालों को अब सजा दी जाएगी।
मालिनी गौड़, महापौर

200 करोड़ बकाया
फरवरी माह में वसूली नहीं होने के कारण निगम ने बड़ी मुश्किल से पांच मार्च को वेतन बांटा। वहीं, ठेकेदारों को निगम पेमेंट नहीं कर पा रहा है। निगम पर लगभग 200 करोड़ से ज्यादा की राशि बकाया हो चुकी है।

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