निगम नही कर रहा नदी सफाई में सहयोग

नदी सफाई को लेकर याचिका दायर करने वाले किशोर कोडवानी ने लगाया आरोप

By: amit mandloi

Published: 07 Jun 2018, 08:09 PM IST

नितेश पाल, इंदौर।

कान्ह ओर सरस्वती नदी की सफाई में नगर निगम कोई सहयोग नहीं कर रहा है। नदी में से निकलने वाली गाद को भी नगर निगम हटाने को तैयार नहीं है। 21 दिनों में नदी का 2 किलोमीटर लंबा हिस्सा सिर्फ तीन पोकलेन मशीनों की सहायता से साफ कर दिया गया। बाकी हिस्सा निगम को साफ करना था। जबकि नगर निगम ने इस हिस्से में सफाई में कोई सहयोग नहीं किया यहां तक की नदी में से निकलने वाली गाद को भी निगम ने नहीं हटाया। यह आरोप लगाया है नदी सफाई को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में याचिका दायर करने वाले समाज सेवी किशोर कोडवानी ने।

नदी सफाई को लेकर एनजीटी के ऑर्डर के अनुसार कलेक्टर निशांत वरवड़े ने 23 दिन पहले एक बैठक बुलाई थी। जिसमें उन्होंने सरस्वती नदी को साफ करने के लिए नदी के 19 किलोमीटर लंबे से को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर सफाई के लिए निर्देश जारी किए थे। इसमें बिजलपुर तालाब से लेकर तेजपुर गड़बड़ी पुल तक के हिस्से के 2 किलोमीटर लंबे हिस्से को वाटर रिसोर्सेज डिपार्टमेंट के जरिए साफ करने के लिए निर्देश जारी किए थे। आगे का पिपलिया पाला से बद्रीनाथ तक का हिस्सा जो कि 2 किलोमीटर लंबा है वह आईडीए को साफ करना था उसके बाद लगने वाला 8 किलोमीटर लंबा हिस्सा स्मार्ट सिटी के तहत आता है इस हिस्से को भी नगर निगम के सहयोग से साफ करने के लिए आदेश जारी किए थे। वही रामबाग से कबीर खेड़ी के बीच के हिस्से को को भी नगर निगम से ही साफ करना था कलेक्टर ने इस दौरान आदेश दिया था कि वाटर रिसोर्सेज डिपार्टमेंट जिस हिस्से को साफ करेंगे उसकी मॉनिटरिंग याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी करेंगे। कोडवानी ने इससे की सफाई के लिए जनता से सहयोग भी लिया था। वही पिछले 21 दिन पर लगातार वे नदी सफाई यह काम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं वाटर रिसोर्सेज डिपार्टमेंट के द्वारा यहां पर तीन पोकलेन मशीनों से सफाई का काम शुरू किया गया था कोडवानी के अनुसार इस हिस्से में सफाई का काम लगभग लगभग पूरा हो चुका है। जबकि यहां से जो गाद निकली उसे भी हटाने में नगर निगम कोई सहयोग नहीं कर रहा है। नगर निगम ने पिछले दिनों में यहां पर सफाई के लिए कोई संसाधन भी नहीं उपलब्ध कराए हैं। कोडवानी का आरोप है कि उन्होंने निगम के अफसरों से कहा था की वह सभी संसाधन एक साथ लगा कर एक तरफ से नदी की सफाई शुरू करें इससे अच्छे परिणाम आ सकेंगे। लेकिन निगम के अफसरों ने उनकी बात नहीं मानी और सफाई का हिस्सा अपने संसाधनों से अलग से किया लेकिन उन्होंने 21 दिनों में नदी का 2 किलोमीटर का लंबा हिस्सा साफ कर दिया है और नगर निगम के हाल बेहाल है।

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