पत्नी की ख्वाहिश पूरी करने के लिए पति ने 60 दिन में चलाई 34 हजार किमी कार, नाप दिए 18 देश

१८ देशों की यात्रा कर इंदौर पहुंचे डॉक्टर दंपत्ति
- ६० दिनों में तय किया ३४ हजार किलोमीटर का सफर
- होम राईड पर निकले दंपत्ति ने साझा किए अनुभव

By: Lakhan Sharma

Published: 07 Jun 2018, 11:18 AM IST


लखन शर्मा, इंदौर।


अगर व्यक्ति ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं है। अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के एक डॉक्टर दंपत्ति ने एसा ही कुछ सोचा और कैलिफोर्निया स्थित अपने घर से निकले सिकंदराबाद स्थित दूसरे घर के लिए। इस बीच १८ देशों को पार कर वे एक ही गाड़ी से कल इंदौर पहुंचे।
न्यूज टुडे से हुई विशेष चर्चा में केलिफोर्निया के डॉ. राजेश कड़क्या और पत्नी डॉ. दर्शना कड़क्या ने बताया की हम ३५ साल से अमेरिका में रह रहे हैं। मैं एमरजेंसी ट्रामा का डॉक्टर हूं और पत्नी लंग्स स्पेशिलिस्ट है। कैलिफोर्निया में ही हम प्रेक्टिस करते हैं। दोनों गुजरात के एक गांव के हैं, मेरा घर हैदराबाद तो पत्नी का बंबई में है। इसी के चलते हमने कैलिफोनिर्या से होम टूर प्लान किया। जिसके लिए हम केलिफोर्निया से हैदराबाद (सिकंदराबाद) के लिए निकले। इस बीच रास्ते में कई समुद्र, पहाड़ी रास्ते, नदियां, जंगल सहित कई मोड़ आए, लेकिन सफर जारी रहा। डॉ. राजेश बताते हैं की कई देशों में राईड हेंड ड्राईविंग थी तो कई जगह लेफ्ट हेंड ड्राईविंग एसे में भी परेशानी आई, लेकिन हम देशों से परमिशन लेकर बाहर निकले। हर देश का नक्शा, ड्रायविंग पेटर्न सब कुछ यात्रा से पहले निकाला। हमने १८ देश और तीन खंड जिनमें एशिया, युरोप और अफ्रीका पार किए। यात्रा पर निकलने से पहले सबसे बड़ी समस्या गाड़ी काी थी। एसी गाड़ी रखना थी जा ेसभी रास्तो पर चल सके। उसमें अत्याधुनिक संसाधन लगाए। एसे में हमने १९९१ टोयोटे लेंड क्रूजर, एचडीएच, राईट हेंड ड्रायवर गाड़ी को चुना। जो ४ से ५ फीट पानी में भी चली। फोर व्हील ड्राईव होने से खड़ी घाटी भी इस गाड़ी से पार की। पानी गर्म करना, ठंडा करना, टायलेट सहित अन्य सभी संसाधन गाड़ी में हमने लगवाए।

- खुद के खर्च पर आए
डॉ. राजेश बताते हैं की सिर्फ पत्नी का यह कहना था की जिंदगी में कोई एसा काम करना है जो लोग असंभव समझते हैं इसी को ख्याल में रखते हुए हमने यह टूर बनाया। मैं और पत्नी दोनेां इस टूर के लिए निकले तो लोगों को यकीन नहुी हुआ। कई ने मना किया। पर हमने ठान लिया था। ६० दिन का सफर पुरा कर ३४००० किलोमीटर गाड़ी मैं खुद यहां तक चलाकर लाया हूं। हम चाहते हैं युवा भी इससे प्रेरणा ले और वह सब काम करे जिसे लोग असंभव समझते हों।

- चाईना ने बढ़़ा दिए १५ दिन
डॉ. राजेश बताते है ंकी हम कजाकिस्तान से चाइ्रना आ गए थे। यहां से पूर्वी हिस्से से हमे इंडिया आना था, लेकिन मिलेट्री ने आने नहीं दिया। दो दिन यहां इंतजार किया, अमेरिका सरकार से अनुमति ली इसके बाद हमें दूसरे रास्ते से आने की अनुमति मिली जिसमें हमें ७ दिन में पहुंचना था। इसके साथ ही कई परेशानियां जंगलो में आई। पानी में गाड़ी चली तो चाईना में १८ हजार फीट की ऊंचाई पर गाड़ी चलाई, जहां आक्सीजन मास्क पहनकर हमने ड्राईव किया। अब इंदौर से बंबई जाएंगे तथा गाउ़ी वहंी रखी जाएगी।

 

Lakhan Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned