देश का पहला चेकपोस्ट जहां मिलता है अवैध वसूली का भी प्रमाण पत्र

देश का पहला चेकपोस्ट जहां मिलता है अवैध वसूली का भी प्रमाण पत्र

वाणिज्यकर और परिवहन विभाग द्वारा अवैध वसूली करने के बाद इस तरह लगाई जाती है पर्ची पर मोहर। काले कांच के पीछे बैठकर प्रतिदिन वसूलते हैं करोड़ों रुपए


मुकेश सहारिया @ नीमच. प्रदेश के अधिकांश सीमावर्ती चेकपोस्ट वाहनों से अवैध वसूली के केंद्र बने हुए हैं। इसका खुलासा करने के लिए पत्रिका के रिपोर्टर्स ने कभी किसी ट्रक में सवार होकर तो कभी चेक पोस्ट के आसपास टहल कर ट्रक चालकों से गुपचुप बात की। इसे सीरिज के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। पहली कड़ी में पढि़ए नीमच की नयागांव चेकपोस्ट की लूट...
राजस्थान सीमा से सटे नीमच के अंतिम गांव नयागांव की एकीकृत चेकपोस्ट का एक दृश्य। काले कांच के केबिन। राजस्थान की ओर से प्रदेश में प्रवेश करने वाले वाहनों की लम्बी कतार लगी है।

 यह भी पढ़ें:- काले कड़कनाथ का खून भी काला, साइंस भी मानता है इसका करिश्मा

लगभग 175 से 200 वाहनों के बीच। जानकारी लेने पर पता चला कि प्रदेश में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन से इंट्री (अवैधानिक वसूली) ली जा रही है। ठीक वैसे ही जैसे 28 अगस्त 2015 यानी तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर तत्कालीन तहसीलदार द्वारा इस चेक पोस्ट पर दबिश देने वाले दिन से पहले हुआ करती थी। उस समय तहसीलदार ने जो होलोग्राम, पर्चियां और अन्य अवांछित सामग्री पकड़ी थी, वे सब फिर खुलेआम नजर आ रही हैं। बस वसूली की राशि कुछ  (हजार रुपए से बढ़कर 1400 रुपए) बढ़ गई है।



अवैध वसूली के रेट फिक्स
अवैध वसूली के दाम के लिए कोई बोर्ड नहीं है। लेकिन ये हर ट्रक चालक को मुंहजुबानी पता हैं। 6 पहिया वाहन के 1400 रुपए, 10 पहिया वाहन के 2100 और 10 पहिया से अधिक वाले वाहनों के 15000 रुपए तक वसूले जाते हैं। इससे पहले तौल कांटे पर भी वसूली होती है। अधिकृत तौर पर हर वाहन से अधिकतम 105 रुपए लिए जा सकते हैं, लेकिन यहां यह राशि 110 रुपए हो जाती है। यदि वाहन में वजन अधिक (ओवरलोड) है, तो फिर मन मुताबिक पैसा (अधिकृत पेनल्टी से अलग) जेब से निकलवाया जाता है। वसूली एकीकृत चौकी की वाणिज्य विंग में भी होती है। इस चेक पोस्ट से गुजरने वाले चालकों ने इस बारे में बताया।

हां, हमसे की गई अवैध वसूली
मैं दिल्ली से सोलापुर परचूनी सामान लेकर जा रहा हूं। नयागांव चेकपोस्ट से गुजरने पर मुझसे परिवहन चेकपोस्ट पर 2100 और सेलटैक्स पर 200 रुपए अवैधानिक रूप से वसूले गए। इस राशि की मुझे कोई रसीद नहीं दी गई।

indian checkpost corruption system

-अशोक पिता भगवान, गुडग़ांव हरियाणा

मैं लुधियाना से केरल साइकिलें लेकर जा रहा हूं। मेरी गाड़ी 6 पहियों वाली है। मुझसे परिवहन चेकपोस्ट पर होलोग्रामयुक्त स्टीकर लगाकर 1400 रुपए और वाणिज्य कर चेकपोस्ट पर 150 रुपए वसूले गए। दोनों पर तौलपर्ची पर मोहर लगाई।



-वीरेंद्रसिंह पिता राजिंदरसिंह, लुधियाना पंजाब

read also : IPL-10 : किंग्स को बूस्टअप करने इंदौर पहुंची प्रीति जिंटा

एक ट्रक चालक की आपत्ति से हुआ विवाद
पत्रिका के रिपोर्टर को ट्रक वालों ने ही बताया कि उन्हें समय, परिस्थिति व सुविधा के हिसाब से 1400 रुपए से 15000 रुपए तक प्रति ट्रक इंट्री फीस देनी पड़ रही है। जो ट्रक चालक आपत्ति करता है तो उसे आगे नहीं जाने दिया जाता। आज भी एक ट्रक चालक से विवाद की स्थिति पैदा हो गई है, इसलिए राजस्थान की तरफ से वाहनों की कतार लंबी हो गई है।



पता नहीं चलता कौन वसूल रहा है राशि
स्टिंग के दौरान एकीकृत जांच चौकी के काउंटर को देखने का मौका मिल गया। काउंटर पूरा काले कांच का बना हुआ है। वहां जिस स्थान से अंदर बैठे व्यक्ति को राशि दी जा रही थी केवल उसी छोटे से स्थान से भीतर झांका जा सकता है। इतनी छोटी जगह में ज्यादा कुछ नजर नहीं आता। इसलिए व्यक्ति स्टिंग के दौरान वीडियो में कैद नहीं हो पाया। काउंटर के अंदर राशि देते हुए अवश्य ट्रक चालक वीडियो में कैद हुए। चेकपोस्ट पर सादीवर्दी में युवकों की टोली खड़ी दिखाई दी। देखने पर कोई यह नहीं कह सकता है ये लोग चेकपोस्ट पर ही रहते हैं। एक ट्रक चालक के साथ विवाद के समय भी ये उसकी ओर लपके थे। ट्रक चालकों ने बताया कि अगर कोई चालक अवैधानिक वसूली से इनकार करता है, तो ये ही लोग उससे मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इसलिए ट्रक चालक पैसा देकर पीछा छुड़ा लेते हैं। वे पैसे इसलिए भी देते हैं कि चेकपोस्ट पर अनावश्यक समय लगने से उनका दिन और इस कारण ट्रक किराया बर्बाद होने के आसार बढ़ जाते हैं। इसके अलावा वे यह भी सोचते हैं कि पैसा उनके घर से नहीं जा रहा है। ट्रक मालिक या ट्रांसपोर्ट कंपनी का मालिक इस अवैध भुगतान की भरपाई चालक को कर देते हैं।   

indian checkpost corruption system

एक कलेक्टर और एक एसपी ने साहस किया, तबादला पाया
नयागांव चेक पोस्ट पर पहली व आखिरी बार 28 अगस्त 2015 को दबिश दी गई। इसमें तत्कालीन कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक की भूमिका अहम रही, जिन्होंने अवैध वसूली की शिकायत पर इस कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की। चौकी का गठजोड़ कितना हावी व प्रभावी है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि चेक पोस्ट के खिलाफ तो कुछ ठोस कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन कुछ ही समय बाद कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक यहां से स्थानांतरित कर दिए गए। इसके बाद किसी प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी का साहस नहीं हुआ कि वह दोबारा चौकी पर छापा मार सके। छापा मारना तो दूर इसकी रूटीन की जांच ही नहीं की जा सकी है।



नयागांव चेकपोस्ट की इंट्री दिल्ली मुम्बई में उपलब्ध
नयागांव चेकपोस्ट पर अवैध वसूली के तार देश के कौने कौने तक फैले हैं। यहां चेकपोस्ट पर ट्रक चालकों से की जाने वाले अवैध वसूली की इंट्री हजारों किलोमीटर दूर दिल्ली और मुम्बई तक में होती है। इसके लिए बाकायदा एक डायरी ट्रक चालक को दी जाती है। डायरी की जानकारी नयागांव चेकपोस्ट पर सूचीबद्ध रहती है। ऐसी डायरी हजारों की संख्या में संचालित हैं। इनसे करोड़ों रुपए अवैधानिक रूप से हर साल वसूले जाते हैं।



हजारों ट्रक चालकों को दी जाती है दिल्ली से इंट्री
ट्रक चालक मोहम्मद शाह आलम से नयागांव चेकपोस्ट पर चर्चा के दौरान इस बात का खुलासा हुआ। आलम ने बताया कि तौल कांटे में मुझसे 105 रुपए लिए गए। परिवहन चौकी पर मुझसे किसी प्रकार की राशि नहीं वसूली गई।  उसने बताया कि उससे राशि इसलिए नहीं ली गई क्योंकि कम्पनी मंथली चार्ज करती है। मुम्बई की कम्पनी है जो यहां हर माह एक बड़ी राशि ट्रकों की इंट्री के रूप में जमा कराती है। नयागांव चेकपोस्ट पर तैनात आरटीओ कर्मचारियों के पास एक लिस्ट रहती है। इस लिस्ट में ट्रक के बारे में पूरी जानकारी लिखी रहती है। इस लिस्ट में जांच कर डायरी में सील लगाकर दे दी जाती है। मेरी गाड़ी की यहां इंट्री है। कम्पनी ने सुपर इंट्री के नाम पर 3500 रुपए चेकपोस्ट पर दिए हैं। चूंकि कम्पनी ने राशि जमा करा रखी है इसलिए डायरी में स्टीकर लगाकर मुझे जाने दिया गया।



ट्रॉसपोर्टर ही उपलब्ध कराता है इंट्री डायरी
मोहम्मद सलीम निवासी मेवात हरियाणा ने बताया कि दिल्ली से केरल जाने के लिए नयागांव चेकपोस्ट से ही गुजरना होता है। नयागांव चेकपोस्ट की इंट्री रियायती दरों पर दिल्ली में ही ट्रक चालक को उपलब्ध हो जाती है। दिल्ली में एक बार डायरी बनवाने के लिए 1000 रुपए अलग से देने होते हैं। ट्रक चालक को यह डायरी जिस ट्रॉसपोर्ट से ट्रक में माल लोड किया जाता है वहीं से ट्रॉसपोर्टर द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।

MP/CG लाइव टीवी

Ad Block is Banned