वसूली का मायाजाल, रंगीन टोकन लो और बिना जांच जाओ

 वसूली का मायाजाल, रंगीन टोकन लो और बिना जांच जाओ

ट्रक चालकों से 1200 से लेकर 3100 रुपए तक की होती है महीने की बंदी, गाड़ी के दस्तावेज की फाइल में पहले चस्पा करते हैं टोकन, उस पर लिखी होती है वसूली की रकम डोंगरगांव चेक पोस्ट


राजेश कुमरावत @ सोयतकला. इंदौर-कोटा राजमार्ग पर मप्र-राजस्थान सीमा पर स्थित डोरगांव एकीकृत जांच चौकी (वाणिज्यकर व आरटीओ की संयुक्त जांच) पर वाहन चालकों से अवैध वसूली की यह एक बानगी भर है।
यहां से रोजाना गुजरने वाले 500 से 700 ट्रक बगैर सुविधा शुल्क दिए आगे नहीं बढ़ सकते। बड़ी बात यह कि ट्रक ड्राइवरों को 'रंगीन टोकन' देकर 1200 से लेकर 3100 रुपए हर माह की वसूली की जा रही है। इसके दिखाए बिना ट्रक आगे नहीं बढ़ सकते। पत्रिका ने मौके पर पहुंचकर वसूली के इस गोरखधंधे की पड़ताल की।

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दृश्य एक-
सुबह 10 बजे-पत्रिका रिपोर्टर ने देखा कि एक ट्रक को तौल कांटे पर तोला ही नहीं गया। इसका ड्राइवर जांच चौकी में दस्तावेज लेकर गया और दो मिनट में ही बाहर आ गया। ड्राइवर विष्णु बागरी पिता बद्रीलाल को थोड़ा आगे जाकर पकड़ा और कुछ बताने का आग्रह किया तो उसने बताया कि उसने 1100 रुपए की रिश्वत दी है। नहीं देता तो वाहन को तौलने में घंटों लगाकर उसे अटका देते।

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दृश्य दो-
दोपहर 11.30 बजे का समय, ट्रक ड्राइवर मांगीलाल पिता इंदरसिंह ने चौकी पर दस्तावेज दिखाए। जांच अधिकारी ने सरसरी निगाह डाली और गाड़ी को आगे बढ़ाने का इशारा कर दिया। इतनी जल्दी जांच होने पर ड्राइवर मांगीलाल ने बताया कि उसने 3100 रुपए का टोकन ले रखा है। अब एक महीने तक उसे आने-जाने की छूट है।

1 से 10 के बीच टोकन बनाना जरूरी
जांच चौकी पर अवैध वसूली में कर्मचारी पकड़ में नहीं आ सकें, इसके लिए रंगीन टोकन की व्यवस्था ईजाद की गई है। पांच-छह वर्षों से यहां से गुजर रहे चालकों मांगीलाल पिता इंदरसिंह सिसौदिया, विष्णु पिता बद्रीलाल बागरी, हेमराज, राधेश्याम, शेरसिंह को विश्वास में लेकर बात की तो उन्होंने बताया कि 1 से 10 तारीख के बीच यह टोकन बनवाने होते हैं। टोकन बाकायदा गाड़ी की फाइल के पहले पेज पर चस्पा होते हैं। इस पर कोड वर्ड में राशि का उल्लेख होता है।



राजस्व से 4 गुना ज्यादा अवैध वसूली
एक अनुमान के मुताबिक प्रतिमाह जितनी राजस्व वसूली होती है, उससे ज्यादा 4 गुना ज्यादा वसूली अवैध होती है। रोज चौकी से 500 से 700 तक वाहन आते-जाते हैं। अगर एक ट्रक से 1200 रुपए वसूले लिए जाए तो यह आंकड़ा करोड़ के पार पहुंच जाता है।



इस हिसाब से वसूली
6 पहिया वाहन- 1200 रुपए
8 पहिया वाहन- 1600 रुपए
12 पहिया वाहन- 2200 रुपए
बड़ा ट्राला- 3100 रुपए

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ट्रक ड्राइवर बोले- मप्र में आते ही वसूली शुरू
ट्रक मालिक राधेश्याम बिरला निवासी देवली ने बताया कि दिल्ली से इंदौर तक मेरे 17 ट्रक रोज वर्षों से अंडरलोड चल रहे हैं, लेकिन मप्र सीमा पर स्थित जांच चौकी पर परिवहन विभाग वाले कागज होने के बावजूद टोकन लेने और पैसे देने को विवश करते हैं। यही बात अमीन भाई देवली राजस्थान, देवेंद्र बाबू दिल्ली वाले ने भी बताई।

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