कलेक्टोरेट इंदौर प्रदेश का पहला जीरो वेस्ट परिसर, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर दी बधाई

संपूर्ण कलेक्टोरेट से निकल रहे कचरे का निपटान परिसर में ही होता है। मिनी मटेरियल रिकवरी फेसेलिटी में कर रहे निपटान।

By: shatrughan gupta

Published: 06 Jan 2020, 02:13 AM IST

इंदौर. कलेक्टोरेट इंदौर प्रदेश का पहला जीरो वेस्ट परिसर बन गया हैं। संपूर्ण कार्यालय परिसर से निकल रहे गीले व सूखे कचरे का निर्माण परिसर में लगी सुविधा में किया जा रहा हैं। यहां से कचरे एक भी तिनका परिसर से बाहर नहीं ले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार को अफसरों के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए जीरो वेस्ट परिसर के लिए ट्वीट पर कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव व अफसर-कर्मचारियों को बधाई दी हैं।

परिसर की फेसेलिटी का शुभारंभ भी कलेक्टर जाटव ने कार्यालय के वरिष्ठ कर्मचारी सोहन सिंह से करवाया। आइएसओ प्रमाण पत्र लेने के बाद यह दूसरी बड़ी उपलब्धि हैं। इस कार्य के लिए सरकारी धन भी खर्च नहीं किया गया। मिनी मटेरियल रिकवरी फेसेलिटी का निर्माण रीयल इस्टेट कंपनी ओमेक्स ने किया। वहीं संचालन हुमन मेट्रिक्स एनजीओ द्वारा किया जा रहा हैं। इन कार्य में अपर कलेक्टर दिनेश जैन, कैलाश वानखेड़े, बीबीएस तोमर, कीर्ति खुरासिया, ओमेक्स के शंशाक शेखर, मेट्रिक्स के सनप्रीत सिंह की अहम भूमिका रही। परिसर को प्लास्टिक फ्री करने पर भी विचार किया जा रहा हैं। इसके लिए बोतल बंद पानी

20 किलो वेस्ट रोजाना
कलेक्टोरेट में 20 किलो सूखा कचरा रोजना निकलता हैं। इसके सेग्रीगेशन के लिए 10 अलग-अलग ड्रम रखे गए हैं। वहीं गीले कचरे यानी किचन वेस्ट को माय ग्रीन बिन के माध्यम से जैविक खाद में बदला जा रहा हैं। इससे 20-25 किलो के आसपास खाद रोजाना बन रही हैं।

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