स्कूली छात्रों को स्टूडेंट पुलिस कैडेट बनाकर देंगे दो साल ट्रेनिंग

स्कूली छात्रों को स्टूडेंट पुलिस कैडेट बनाकर देंगे दो साल ट्रेनिंग

Chintan Vijayvargiya | Publish: Sep, 06 2018 08:17:18 PM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

पुलिस कंट्रोल रूम में योजना की शुरूआत, पुलिस व अन्य सरकारी ऑफिस का करेंगे दौरा

इंदौर. स्कूली छात्रों के लिए स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना शुरू की जा रही है। इसमें सरकारी स्कूल के छात्रों का चयन कर उन्हें दो साल की ट्रेनिंग पुलिस व शिक्षा विभाग देगा। इसके जरिए बच्चों के व्यक्तिव का विकास करने के साथ उन्हें अपराधो के खिलाफ लडऩे के लिए जागरूक किया जाएगा।
गुरूवार को पुलिस कंट्रोल रूम सभागृह में स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना की शुरूआत हुई। इसमें पुलिस व शिक्षा विभाग के अफसर मौजूद रहे। भारत सरकार की यह योजना देशभर में लागू की जा रही है। इसमें सरकारी स्कूल के 8 वी व 9 वी कक्षा के छात्रों को दो साल तक ट्रेनिंग की दी जाएगी। मध्यप्रदेश में भी 31 जिलो में ये योजना शुरू की जा रही है। योजना की नोडल अधिकारी एएसपी मनीषा पाठक सोनी ने बताया कि इंदौर जिले में 16 सरकारी स्कूल में योजना संचालित होगी। हर स्कूल से 20-20 छात्रों को इसके लिए चयनित किया जाएगा। इन्हें दो साल का आंतरिक व बाह्य प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना के लिए तय विषयों पर शिक्षाविद, रिटायर अधिकारी, विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। आउटडोर ट्रेनिंग में उन्हें थाने, पुलिस नियंत्रण कक्ष, एमपीईबी व अन्य सरकारी कार्यालय के सीसीटीवी कंट्रोल रूम, यातायात थाना व कंट्रोल रूम, पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज ले जाकर वहां की कार्यप्रणाली की जानकारी देंगे। कार्यक्रम में एसपी फायर अंजना तिवारी, शिक्षा अधिकारी अभय सिंह राठौर, 16 सरकारी स्कूलो के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


ये दिया जाएगा प्रशिक्षण

चयनित छात्रों को बताया जाएगा कि समाज में पुलिस की भूमिका व पुलिस के काम में किस तरह सहयोग किया जाए। सामुदायिक पुलिसिंग में क्या-क्या योजनाएं चलाई जा रही है। साइबर अपराध क्या है इन्हें करने पर कानून में कितनी सजा मिलती है। मानव अधिकार व बाल अधिकारो के बारें में भी जानकारी दी जाएगी। साथ ही छात्रों के व्यक्तिव विकास के साथ उनमें अनुशासन व आत्मविश्वास की जानकारी देंगे। उन्हें बताया जाएगा कि नशे के दुष्परिणाम क्या होते है। नशीले पदार्थ की तस्करी करने पर क्या कार्रवाई होती है और कितनी सजा इसमें मिलती है। वर्तमान समय में सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के चलते उसमें रखी जाने वाली सावधानी के साथ गलत इस्तेमाल करने पर क्या कार्रवाई होती है इसकी जानकारी भी ट्रेनिंग में दी जाएगी। आपदा प्रबंधन, यातायात प्रबंधन के बारें में भी सिखाया जाएगा। बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधो को कैसे पहचाने साथ ही ऐसी स्थिति में कैसे उन्हें मदद उपलब्ध करवाए।

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