भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और नेताओं में दर्ज केस में पुलिस ने शुरु की जांच

रेसीडेंसी इलाके में माफिया अभियान के विरोध में धरने का मामला, बयान के बाद बढ़ सकती है धारा

By: Chintan

Published: 06 Jan 2020, 11:27 AM IST

इंदौर. भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, सांसद व विधायक पर दर्ज केस में पुलिस ने जांच शुरु की है। केस दर्ज कराने वाले तहसीलदार व अन्य अधिकारियों के बयान पुलिस लेंगी। इनके आधार पर कुछ और धाराएं भी बढ़ सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में गिरफ्तारी की बात पुलिस कह रही है।

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने रेसीडेंसी इलाके में कमिश्रर आकाश त्रिपाठी के बंगले के बाहर धरना दिया था। इस दौरान उन्हें समझाने गए प्रशासनिक अफसरों को विजयवर्गीय ने धमकाते हुए शहर में आग लगा देने की धमकी दी थी। इस बयान ने काफी तूल पकड़ा। अफसरों को धमकाने का वीडियो सोशल मीडियो पर दिनभर वायरल होता रहा। शनिवार को इसको लेकर शहर में काफी सरगर्मी तेज रही। कांग्रेस ने बयान के विरोध में भाजपा नेताओं पर कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को शिकायत की थी। इसी के बाद संयोगितागंज पुलिस ने तहसीलदार राजेश कुमार सोनी की रिपोर्ट पर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, विधायक रमेश मेंदोला, भाजपा नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा व 350 साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

टीआई संयोगितागंज नरेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि मामले में तहसीलदार राजेश कुमार सोनी, एडीएम बीएस ठाकुर व अन्य अफसरों के बयान लिए जाएंगे। उनके बयान के आधार पर मामले में कुछ धाराएं भी बढ़ सकती है। मौके पर बनाए गए वीडियो को भी जब्त किया जाएगा। इसका परीक्षण भी पुलिस करेंगी। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद ही गिरफ्तारी को लेकर स्थिति साफ होंगी।

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