जिला अस्पताल के बहुत बुरे हाल, मरीजों को ही नहीं मिल रहा इलाज

शाम ४ से रात १२ बजे तक २० से ज्यादा मरीजों को एमवाय रैफर किया

By: amit mandloi

Published: 24 Jul 2018, 04:16 PM IST

इंदौर. कहने को तो जिला अस्पताल स्वास्थ्य विभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है, लेकिन यहां सर्दी-जुकाम के मरीजों को भी इलाज नहीं मिल पा रहा है। यहां संसाधनों की तो पहले ही है, लेकिन जो है, वह भी काम नहीं आते, क्योंकि यहां के डॉक्टर मरीजों का इलाज करने की बजाय उन्हें एमवाय रैफर कर देते हैं। ओपीडी खत्म होने के बाद से रात तक यहां सर्दी-जुकाम, पेट दर्द, उल्टी के मरीजों को भी इलाज नहीं मिल पाता है। कल शाम ४ बजे से रात १२ बजे तक २० से ज्यादा मरीज एमवाय रैफर किए गए।

सामूहिक अवकाश का भी नहीं रखा ध्यान- दरअसल एमवाय अस्पताल में कल जूनियर डॉक्टर, लैब टेक्निशियन और नर्सिंग स्टाफ सामूहिक अवकाश पर था। इसके बावजूद जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने ऐसे मरीजों को एमवाय भेज दिया, जिनका इलाज आसानी से जिला अस्पताल में ही हो सकता था। किसी मरीज को इंजेक्शन तो किसी को बॉटल चढ़ाने की जरूरत थी। कुछ तो बुखार के कारण यहां पहुंचे थे, जिन्हें एक या दो दिन भर्ती किया जा सकता था, लेकिन रोज की तरह कल भी डॉक्टरों ने लापरवाही जारी रखी और मरीजों को एमवाय रैफर कर दिया।

बदलेंगे व्यवस्था, रखेंगे नजर
अगर ऐसा हुआ है तो गलत है। हम आज ही इस मामले को देखते हैं और रिकॉर्ड चेक करते हैं। जो संसाधन और सुविधाएं हमारे पास हैं, वह मरीजों को जरूर दी जाएंगी।
डॉ. एमपी शर्मा, सिविल सर्जन

सिर्फ एमएलसी का बना स्थान
जिला अस्पताल को सिर्फ एमएलसी का स्थान बना दिया गया है। पश्चिम क्षेत्र में होने वाली घटना-दुर्घटनाओं और पोस्टमॉर्टम के लिए ही जिला अस्पताल में अधिक लोग पहुंचते हैं। रात के समय यहां जिस डॉक्टर की ड्यूटी होती है, वह भी एमएलसी ही करते हैं। आम मरीज अगर पहुंच जाए तो उसे तुरंत एमवाय रैफर कर दिया जाता है जबकि एमवाय के सीनियर डॉक्टर कई बार इसका विरोध कर चुके हैं कि ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल में ही इलाज मिलना चाहिए ताकि हम गंभीर मरीजों को समय दे सकें।

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