script एमपीपीएससी की ​सभी नियुक्तियों पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला | Indore High Court's big decision on MPPSC 2019 | Patrika News

एमपीपीएससी की ​सभी नियुक्तियों पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

locationइंदौरPublished: Feb 07, 2024 09:34:14 pm

Submitted by:

deepak deewan

एमपीपीएससी की नियुक्तियों पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने ये आदेश जारी किया है। इसके अंतर्गत पीएससी 2019 की सभी नियुक्तियां एक याचिका के अधीन की गई हैं। मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा 29 नवंबर 2022 को हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले का उल्लंघन किया गया है।

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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया

एमपीपीएससी की नियुक्तियों पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने ये आदेश जारी किया है। इसके अंतर्गत पीएससी 2019 की सभी नियुक्तियां एक याचिका के अधीन की गई हैं।

एमपीपीएससी 2019 को लेकर विवाद खत्म ही नहीं हो रहे हैं। MPPSC 2019 के अंतिम परिणाम को एमपी हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में चुनौती दी गई।इसके लिए कोर्ट में एक याचिका प्रस्तुत की गई जिसमें कहा गया है कि लोक सेवा आयोग ने 29 नवंबर 2022 को हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले का उल्लंघन किया है।

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इंदौर हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की। इसके बाद एमपीपीएससी 2019 की सभी नियुक्तियोें को इस याचिका के अधीन करने का आदेश जारी कर दिया।

उम्मीदवार आकाश पाठक के अनुसार यह मामला नार्मलाइजेशन को लेकर है। हाईकोर्ट के आदेशानुसार मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग को मुख्य परीक्षा 2019 के परिणामों के साथ विशेष मुख्य परीक्षा के परिणामों की लिस्ट को मिलाकर अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाना था। लोकसेवा आयोग ने ऐसा नहीं किया। आयोग ने दोनों परिणाम का नार्मलाइजेशन न करते हुए दोनों मुख्य परीक्षाओं में नार्मलाइजेशन कर दिया।

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आयोग के इस नार्मलाइजेशन के कारण पूर्व में इंटरव्यू के लिए चयनित 389 उम्मीदवारों को बाहर कर दिया गया। इसके अलावा पूर्व में घोषित प्रथम मुख्य परीक्षा परिणाम में असफल सैकड़ों उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित कर दिया गया।

आकाश पाठक के अनुसार इस प्रकार हाईकोर्ट द्वारा 29 नवंबर 2022 को जारी फैसले का सरासर उल्लघंन किया गया। इसलिए इस मामले को कोर्ट में याचिका लगाकर चुनौती दी है। याचिका में अंतिम परिणाम और नियुक्तियों को निरस्त करने की मांग की गई है। इसपर इंदोर हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर 20 फरवरी तक जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता का साफ कहना है कि पीएससी 2019 का अंतिम परिणाम हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार जारी नहीं किया है। मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग ने इस परीक्षा में हाईकोर्ट के किसी भी फैसले को पूर्ण रूप से लागू नहीं किया।

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