इंदौर की रगों में दौड़ा जुनून,नंबर 1 तमगे पर लिया दम

देश में इंदौर स्वच्छता के मामले में दोबारा नंबर 1 बन गया है।

इंदौर. देश में इंदौर स्वच्छता के मामले में दोबारा नंबर 1 बन गया है। चार साल पहले जो शहर सफाई में पूरे देश में 40वें नंबर पर था, वह अब पहले स्थान पर आ गया है। यह संभव हुआ है, जनसहयोग के साथ नगर निगम की प्लानिंग, उस पर काम और निचले स्तर पर सख्त मॉनिटरिंग से। तीन साल पहले हुए नगर निगम चुनावों में कचरे जैसे सबसे बड़े मुद्दे से दो-चार होने वाला शहर कैसे बना नंबर वन, आइए जानते हैं इस रिपोर्ट से-

शानदार प्लानिंग और जनसहयोग से हासिल किया मुकाम जनता की सबसे बड़ी भागीदारी
लोगों ने घरों में कचरा पेटियां रखकर उसमें कचरा एकत्रित करना शुरू किया। फिर इस कचरे को सीधे निगम की गाडिय़ों तक पहुंचाया। जनता की इस कोशिश से गलियां कचरामुक्त होने लगीं। शहर में कहीं भी कचरा दिखने पर लोग निगम में शिकायत करने लगे। सफाई पर फीडबैक में भी जनता आगे रही।

सडक़ से कोर्ट तक आवाज बुलंद
सफाई को लेकर जहां लोगों ने सडक़ पर आंदोलन किया, वहीं समाजसेवी किशोर कोडवानी ने सफाई के लचर रवैये पर नगर निगम को कठघरे में खड़ा किया। निगम के कागजी आंकड़ों की पोल हर सुनवाई में खोली। नगर निगम को बार-बार आईना दिखाया गया। मोहल्ला स्तर पर लोगों ने जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनवाकर सफाई करवाई। निगम ने कचरा पेटियां हटाकर घर-घर से कचरा लेना तय किया तो जनता ने भी इसमें सहयोग किया। बाजारों में निगम ने अलग-अलग स्थानों पर डस्टबिन लगाए, जिससे सडक़ पर फैलने वाला कचरा सीधे इन डस्टबिन में जमा होने लगा।

कचरा पिकअप स्टेशन
निगम ने घरों से कचरा उठाने के लिए सैकड़ों वाहनों को लगाया। वाहनों को बार-बार टं्रेचिंग ग्राउंड भेजने में बर्बाद होने वाला समय बचाने के लिए शहर में सात स्थानों का चयन कर वहां कचरा पिकअप स्टेशन बनाए। इन स्टेशनों पर छोटी गाडिय़ों से एकत्रित किए गए कचरे को कॉम्पेक्टर और लांग हॉलिंग मशीनों से सीधे ट्रेन्चिंग ग्राउंड पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

घर-घर शौचालय निर्माण
खुले में शौच खत्म करने के लिए घर-घर में शौचालय बनाने के साथ सभी क्षेत्रों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण बड़े स्तर पर किया गया। खुले में शौच पर अर्थदंड का प्रावधान किया। काम नहीं करने वाले कर्मचारियों को सजा बतौर नौकरी से हटाया गया। काम करने वाले कर्मचारियों का प्रमोशन किया गया। इससे शहर को ओडीएफ का तमगा मिला।

 

अर्जुन रिछारिया Incharge
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