बिजली चोरी रोकने का बड़ा उपाय मिला

अभी 31 हजार जगहों पर एएमआर, बिजली कंपनी को मिल रही पल-पल की रीडिंग

By: amit mandloi

Updated: 15 Jan 2018, 06:50 PM IST

इस शहर में अब बिजली सिम रिचार्ज, अब 5 किलो वाट तक के कनेक्शन पर लगेगा सिम वाला मीटर
इंदौर. अॅाटोमेटेड मीटर रीडिंग यानी एएमआर (सिम वाले मीटर) का उपयोग करने से पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी को फायदा हो रहा है। इंदौर रीजन में ३१ हजार जगहों की पल-पल की रीडिंग मिल रही है। बिजली चोरी रुकने से लाइन लॉस कम हो रहा है। कंपनी ७ किलो वॉट से ज्यादा के बिजली कनेक्शन पर सिम वाले मीटरों का उपयोग कर रही है। अब ५ किलो वॉट तक के कनेक्शन पर भी ये मीटर लगाए जाएंगे।

कंपनी के इंदौर रीजन में 31 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके यहां से सिम वाले मीटर से सीधे रीडिंग ली जा रही है। इनके यहांबिजली का लोड ७ किलो वॉट यानी सात हजार वॉट से ज्यादा है, इसलिए इनके यहां एएमआर लगाए गए हंै। इससे मीटर रीडिंग की एक्यूरेसी बढ़ी है। रीडरों से उपभोक्ताओं और कंपनी दोनों को मुक्ति मिल गई है। इन मीटरों के पास सिम लगी रहती है, जो मॉडम के माध्यम से बिजली दफ्तरों से जुड़ी रहती है। सिम चाहे गए वक्त की एक्यूरेटेड रीडिंग भेजती है। इस तरह रोजाना पिक आवर्स और सुबह-शाम की भी रीडिंग सीधे देख सकते हैं। इससे मीटर रीडिंग व बिलिंग संबंधी शिकायतों में कमी आई है। अच्छे नतीजे मिलने पर अब कंपनी इंदौर शहर और ग्रामीण समेत अन्य जगहों पर ५ किलो वॉट यानी पांच हजार वॉट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगवाएगी। इसकी प्लानिंग पर जल्द काम शुरू होगा।

चोरी रोकने में मिली मदद
बिजली वितरण कंपनी के अफसरों का कहना है कि एएमआर लगने से चोरी रोकने में काफी मदद मिली है, क्योंकि सिम वाले मीटर लगने से हर मिनट और घंटे की रीडिंग की रिर्पोटिंग होती रहती है। गड़बड़ी नजर आने पर तत्काल चेक कर लिया जाता है। चोरी रुकने से २ प्रतिशत तक लाइन लॉस भी कम हुआ है। मॉनिटरिंग आसान हुई है, क्योंकि कहीं जाए बिना सब कुछ कंट्रोल रूम में बैठे-बैठे पता चल जाता है।


एएमआर का रिजल्ट अच्छा आने पर कंपनी अब इंदौर शहर और ग्रामीण समेत अन्य जगहों पर 5 किलो वॉट के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के यहां इन मीटरों का उपयोग करेगी। यह काम जल्द होगा। इससे कंपनी और उपभोक्ता दोनों को फायदा होगा। कंपनी को एक्यूरेटेड रीडिंग मिलेगी और उपभोक्ता की मीटर रीडिंग व बिलिंग को लेकर शिकायत नहीं रहेगी।
आकाश त्रिपाठी, एमडी, पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी

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