टैंकर की साइज में धांधली, लोग मर रहे, आरटीओ नहीं जाग रहे

Arjun Richhariya

Publish: Sep, 16 2017 04:08:31 (IST)

Indore Railway Station Parking Lot, Siyaganj, Indore, Madhya Pradesh, India
टैंकर की साइज में धांधली, लोग मर रहे, आरटीओ नहीं जाग रहे

आरटीओ में अफसरों की मिलीभगत से हो रहे पास, फिटनेस में भी नहीं पकड़ाते

 

इंदौर. शहर की सडक़ों पर दौड़ रहे पानी के टैंकर हर दिन किसी ना किसी को अपना शिकार बना रहे हैं। हाल में छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में नगर निगम के टैंकर की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो गई। चालक को गिरफ्तार कर टैंकर तो जब्त कर लिया गया, लेकिन हादसे के पीछे के वजह पर किसी का ध्यान नहीं गया। पत्रिका ने टैंकर के आकार के आधार पर उसकी क्षमता की जानकारी निकाली तो चौंकाने वाली बात सामने आई।


दरअसल, जिस टैंकर को २५ हजार लीटर की क्षमता के लिए आरटीओ की फिटनेस शाखा से अनुमति व सर्टिफिकेट जारी हुआ, उसकी क्षमता कहीं ज्यादा निकली है। आशंका है, फिटनेस में गड़बड़ी का फायदा उठाकर वाहन मालिक मनमाने तरीके से टैंकरों का आकार व क्षमता बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि सडक़ों पर उतरते ही ये किसी न किसी दुर्घटना और निर्दोष की मौत का कारण बनते हैं।

 

आरटीओ ने इस साइज में नहीं किया था पास
बालदा कॉलोनी के पास अंधगति से दौड़ रहे नगर निगम के टैंकर (एमपी-09 एचजी- 7518) ने १८ अगस्त को आलू-प्याज व्यापारी उस्मान (२७) पिता असलम खान निवासी नंदननगर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जांच में टैंकर की साइज आरटीओ के फिटनेस सर्टिफिकेट से बिलकुल अलग निकली।

निगम अफसर से नजदीकी
उक्त टैंकर आरटीओ ऑफिस में शांति चौहान के नाम पर २०१२ में खरीदा गया था। खरीदने के साथ ही टैंकर को नगर निगम के अग्निशमक अमले में शामिल कर दिया गया। बताया जा रहा है, टैंकर मालिक नगर निगम के एक जोनल अधिकारी का नजदीकी रिश्तेदार है। इस कारण इसे नियमों को ताक पर रखकर अटैच किया गया।


फिटनेस तो जारी कर रहा है, लेकिन उनकी क्षमता नापने का कोई उपकरण या सिस्टम नहीं बनाया है। टैंकर मालिक सिर्फ अनुमति के आधार पर टैंकर की बॉडी बनवा लेते हैं और उन्हें फिटनेस के लिए भेज दिया जाता है। यहां एजेंट-एवजी की मिलीभगत से फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है।

 

इसलिए होते हैं हादसे
टैंकर की बनावट चेसिस के अनुसार होना चाहिए। हर टैंकर का ढांचा चेचिस की भार क्षमता पर आधारित होता है। इसमें टैंक की ऊंचाई कैबिन की ऊंचाई से कम होना चाहिए। बॉडी भी चेसिस के आकार के अनुसार ही बनाना होती है, लेकिन संचालक मुनाफे के लिए क्षमता से बड़ा टैंक बनवा लेते हैं। निरस्त करेंगे फिटनेस 

 

आरटीओ टैंकरों के फिटनेस तो जारी कर रहा है, लेकिन उनकी क्षमता नापने का कोई उपकरण या सिस्टम नहीं बनाया है। टैंकर मालिक सिर्फ अनुमति के आधार पर टैंकर की बॉडी बनवा लेते हैं और उन्हें फिटनेस के लिए भेज दिया जाता है। यहां एजेंट-एवजी की मिलीभगत से मनमानी साइज वालों को भी सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है।

 

एेसे सभी वाहनों का फिटनेस निरस्त किया जाएगा, जिनकी बॉडी नियमानुसार नहीं बनी है। उक्त मामले में टैंकर की क्षमता को जांचा जाएगा। यदि कोई तकनीकी त्रुटि मिलती है, तो कार्रवाई की जाएगी।

 -डॉ. एमपी सिंह, आरटीओनहीं है जांच का कोई सिस्टम

 

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