निगम के ३६८ बगीचों में बन रही खाद

हरियाली के लिए जतन : नगर निगम के १२ बगीचों में कम्पोस्ट पीठ बनकर तैयार

इंदौर. स्वच्छता के साथ-साथ शहर के बगीचों को हरा-भरा और सुंदर बनाए रखने के लिए 420 बगीचों में से ३६८ में खाद बनाने का काम गत अक्टूबर माह से चल रहा है। रोजाना बगीचों से निकलने वाले कचरे से ही खाद बनाई जा रही है, जितना भी वेस्ट एक बगीचे से निकलता है, उससे करीब १५ से २० प्रतिशत खाद बनकर तैयार हो जाती है।

हर बगीचे में खाद बनाने के साथ ही करीब १० से १२ बगीचे ऐसे हैं, जहां कम्पोस्ट पीठ बनकर भी तैयार हो गई है, जिनकी ऊंचाई १ से सवा मीटर है। पीठों को विभाग ने हवा युक्त बनाया है। नगर निगम के ४२० बगीचों में रोजाना सफाई के लिए सफाई कर्मचारी और खाद विभाग के सुपरवाइजर भी मौजूद रहते हैं।

मैरिज गार्डन में भी बन रही खाद
निगम अपने बगीचों में तो खाद बना ही रही है, बल्कि शहर के कई मैरिज गार्डन में भी खाद बनाने का काम चल रहा है। इसी के साथ धीरे-धीरे शहर की होटलों और अन्य कई जगहों पर भी खाद बनाने का काम शुरू किया जाएगा, ताकि गंदगी भी न हो और जहां का कचरा हो उसे वहीं की हरियाली को बढ़ाने या संवारने में उपयोग किया जा सके।

केवल बगीचों का कचरा कर रहे उपयोग
&बगीचों से निकलने वाला कचरा ही खाद बनाने में उपयोग किया जा रहा है। शुरुआती दौर में आसपास के लोग इस पर आपत्ति जता रहे थे, लेकिन अब वे हमारा साथ दे रहे हैं। खाद बनाने में हम लोगों के घर का या फिर अन्य कोई कचरा उपयोग नहीं करते हैं, ताकि बदबू न आए।
-कैलाश जोशी, उपायुक्त, उद्यान विभाग नगर निगम

खुले चेंबर की सुध नहीं ले रहे जिम्मेदार
तपेश्वरी बाग में पिछले दिनों चेंबर का ढक्कन टूट गया था, तब से ही चेंबर खुला पड़ा है। कॉलोनी की सडक़ संकरी है। इस वजह से रहवासियों को और भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गाडिय़ों के अलावा पैदल चलने वालों को भी संभलकर चलना पड़ता है। रहवासियों के मुताबिक चेंबर का ढक्कन लगाने के लिए कई बार निगम के अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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