नपती कर व्यापारियों को थमा रहे लाखों के नोटिस

Arjun Richhariya

Publish: Mar, 14 2018 02:44:27 PM (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
नपती कर व्यापारियों को थमा रहे लाखों के नोटिस

प्रदेश भाजपा की बैठक में उठा धारा-६० का मुद्दा, अध्यक्ष चौहान व संगठन मंत्री करेंगे मुख्यमंत्री से बात...

इंदौर. आबादी की जमीन पर व्यावसायिक उपयोग करने वालों को जिला प्रशासन धारा-६० में नोटिस थमा रहा है। लाखों रुपए की वसूली का पर्चा हाथ में आते ही व्यापारियों में हडक़ंप मचा हुआ है। यह मुद्दा कल प्रदेश भाजपा की बैठक में भी उठा। तय हुआ कि प्रदेश अध्यक्ष व संगठन महामंत्री कार्रवाई को रोकने के लिए मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
कल शाम पांच बजे प्रदेश भाजपा कार्यालय पर पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी।

इसमें प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, संगठन महामंत्री सुहास भगत सहित सभी पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक निर्धारित समय से ४५ मिनट देरी से शुरू हुई लेकिन रात १०.१५ बजे तक चली। चर्चा के दौरान इंदौर का मुद्दा भी खासा गरमाया। प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने जिला प्रशासन द्वारा व्यापारियों को थमाए जा रहे नोटिसों की बात रखी। कहना था कि इतने सालों से प्रशासन को आबादी की जमीन पर हो रहे व्यवसाय का ध्यान नहीं आया।

अचानक अफसरों की नींद खुली। तय कर लिया कि कार्रवाई की जाएगी। अपने अधीनस्थों से नपती कराना शुरू कर दी और अब जोड़-घटाव कर लाखों रुपए की वसूली के नोटिस थमा रहे हैं। व्यापारी थोड़े ही दिन पहले नोटबंदी व जीएसटी से उभरे हैं और अफसरों ने नया शिगूफा छोड़ दिया। इसे बंद कराया जाए नहीं तो बहुत बवाल होगा क्योंकि आधे बाजार आबादी की जमीन पर बने हुए हैं।

व्यापारी हमारी ही सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। ये सुनते ही संभागीय संगठन मंत्री जयपालसिंह चावड़ा बोले कि गुप्ता सही बोल रहे हैं। व्यापारियों में नाराजगी की बाद मेरे पास भी आई है। इस पर प्रदेश अध्यक्ष चौहान ने कहा कि मैं भी इंदौर में था कुछ लोग मुझसे भी मिले थे। आखिरी में तय हुआ कि चौहान और संगठन महामंत्री भगत आज मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से बात करेंगे। चौहान ने वादा किया कि कल ही कार्रवाई बंद कराई जाएगी। गौरतलब है कि गुप्ता मुद्दे को लेकर विधानसभा में सवाल पूछने की तैयारी में थे लेकिन प्रदेश की बैठक में मौका ताड़ते ही उन्होंने बात रख दी।

एक अफसर की देन है धारा-६०
सराफा, सांठा बाजार, कपड़ा मार्केट, राजबाड़ा और एमजी रोड के बाजार होलकरकाल से चल रहे हैं। अचानक आबादी की जमीन पर व्यवसाय करने वालों पर भू-राजस्व संहिता की धारा-60 में वसूली की गाज गिरने लगी। सच्चाई यह है कि आरओ बैठक में अपर कलेक्टर कैलाश वानखेड़े ने धारा-60 के माध्यम से वसूली का प्रस्ताव रखा था।

कलेक्टर निशांत वरवड़े को बताया गया कि इसके जरिए करोड़ों रुपए सालाना सरकार की वसूली शुरू हो जाएगी। वरवड़े ने भी कुछ समझे बिना वानखेड़े को नोडल अधिकारी बनाकर काम शुरू करने के निर्देश दे दिए। सभी एसडीएम पर नपती कर जांच रिपोर्ट देने का दबाव बनाया गया। वानखेड़े ही सभी एसडीएम द्वारा पेश किए गए केस की सुनवाई कर रहे हैं।

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