कोरोना ने कर दिया था किताबों से दूर, अब मोहल्ले में ही मिलने लगी शिक्षा

पत्रिका अभियान : हर गली हो मोहल्ला स्कूल
पहले दिन मंगलवार को अहिरखेड़ी, फिल्टर स्टेशन, स्कीम नंबर 78, गौरी नगर, बिजासन, कालानी नगर, अंबिकापुरी क्षेत्रों में लगे मोहल्ला स्कूल

By: jay dwivedi

Published: 04 Dec 2020, 02:14 AM IST

इंदौर. कोरोना के बीच बच्चों तक शिक्षा का उजियारा पहुंचाने के लिए पत्रिका ने 'हर गली हो मोहल्ला स्कूलÓ अभियान शुरू किया है। गुरुवार को अभियान के पहले ही दिन शहर के कई इलाकों में मोहल्ला स्कूल लगे। स्वेच्छा से पढ़ाने पहुंचे लोगों ने बच्चों को घरों से बुलाकर कक्षाएं लीं। शहर के एक दर्जन से ज्यादा इलाकों में शुक्रवार से मोहल्ला स्कूल लगेंगे।

कोरोना संक्रमण के बीच बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। नौवीं से बारहवीं के बच्चों के लिए तो स्कूलों में डाउट क्लीयरिंग सेशन हैं, लेकिन आठवीं तक वालों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं हो पाई। इसका खामियाजा उन बच्चों को उठाना पड़ रहा है जिनके पास ऑनलाइन कक्षाओं के लिए मोबाइल और इंटरनेट की सुविधा नहीं है। इन्हीं बच्चों तक शिक्षा का उजियार पहुंचाने के लिए पत्रिका ने 'हर गली हो मोहल्ला स्कूलÓ अभियान शुरू किया। मंगलवार को अहिरखेड़ी, फिल्टर स्टेशन, स्कीम नंबर 78, गौरी नगर, बिजासन, कालानी नगर, अंबिकापुरी क्षेत्रों में मोहल्ला स्कूल लगे। पहले दिन ही इन कक्षाओं में 50 से ज्यादा बच्चे पढऩे पहुंचे। सभी जगह लगी मोहल्ला क्लास में बच्चों के हाथ सैनेटाइज कराने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग से बैठाया गया। मास्क नहीं लाने वाले बच्चों को मास्क भी दिए गए।

कक्षा शुरू हुई तो जुटने लगे बच्चे

देवधर्म फिल्टर स्टेशन क्षेत्र में शिक्षक दिनेश परमार कक्षाएं लेने पहुंचे। तीन बच्चों से मोहल्ला स्कूल की कक्षा की शुरुआत हुई। जब आस-पड़ोस वालों को इसका पता चला तो 8 बच्चे जुट गए। यहां पढऩे आए सातवीं कक्षा के आयुष सोलंकी को स्कूल में टीचर बनना है। मगर, कक्षाएं नहीं लग पाने से इस साल वह पढ़ नहीं पा रहा था। मोहल्ला क्लास के बारे में जाकर वह बैग और किताबें लेकर आ गया। इसी मोहल्ला स्कूल में आई आठवीं की प्रिया राजेश बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है। एंड्राइड मोबाइल नहीं होने के कारण उसकी ऑनलाइन कक्षा नहीं हो पा रही। प्रिया ने वादा किया है कि वह रोज न सिर्फ मोहल्ला स्कूल आएगी बल्कि घर जाकर भी मन लगाकर पढ़ेगी।

खाली समय का होगा सही इस्तेमाल

छोटी खजरानी में शिक्षक भारत भार्गव ने आस-पास रहने वाले बच्चों को पढ़ाने बुलाया। बच्चों ने उन्हें बताया, स्कूल नहीं लगने के कारण घर पर भी पढ़ाई नहीं हो पा रही है। यहां पढऩे आया गोपाल सिंह बड़ा होकर इंजीनियर बनना चाहता है। कोरोना के कारण आठवीं में ही रिजल्ट बिगडऩे की स्थिति बन गई थी। भार्गव ने पहले दिन सभी बच्चों को गणित विषय पढ़ाया। उन्होंने बताया, स्कूल से लौटने के बाद बेकार ही रहते थे। मोहल्ला स्कूल से जुडऩे के बाद खाली समय का सही इस्तेमाल हो सकेगा।

यह अभियान रोशनी की किरण, हम देंगे संसाधन

मोहल्ला स्कूल अभियान से निजी स्कूल संचालक भी जुडऩे को राजी हैं। एनी बेसेंट स्कूल के मोहित यादव ने हर गली हो मोहल्ला स्कूल अभियान को जरूरतमंद बच्चों के लिए रोशनी की किरण बताया। उनका कहना है कि कई बच्चे ऑनलाइन कक्षाएं नहीं कर पाने से पढ़ाई का नुकसान उठा रहे हैं। मोहल्ला स्कूलों के लिए हम अपने संसाधन देने को तैयार हैं। मंगलवार से स्कूल परिसर में भी कक्षा लगाएंगे।

सभी बच्चों को पढ़ाएंगे शिक्षक : डीपीसी

मोहल्ला स्कूल अभियान से जुडऩे के लिए शिक्षा विभाग भी आगे आया है। अब तक सरकारी स्कूलों के शिक्षक गली-मोहल्लों में जाकर सिर्फ अपने स्कूल में नामांकन कराने वाले बच्चों को पढ़ा रहे थे। मगर, वे इन बच्चों के साथ-साथ अन्य बच्चों को भी शिक्षा देंगे। जिला परियोजना समन्वयक अक्षय सिंह राठौड़ ने बताया, सभी शिक्षकों को मोहल्ला स्कूल से जुडऩे के लिए कहा जा रहा है। पत्रिका की यह पहल निश्चित रूप से बड़ा बदलाव लाने में कामयाब रहेगी।

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