पाकिस्तान से लौटी सुषमा स्वराज की दत्तक पुत्री गीता के माता-पिता को अब इस खास तरीके से ढूंढ रही है पुलिस

सुषमा स्वराज की दत्तक पुत्री गीता के माता-पिता की अब इस तरह तलाश कर रही है इंदौर पुलिस...।

By: Faiz

Published: 01 Oct 2020, 03:15 PM IST

इंदौर/ परिवार से बिछड़कर पाकिस्तान जा पहुंची भारतीय मूल की मूकबधिर गीता अपने देश तो लौट चुकी है, लेकिन अब तक सरकार और पुलिस प्रशासन के सेकड़ों प्रयासों के बावजूद वो अपने माता-पिता से नहीं मिल सकी है। फिलहाल, इंदौर पुलिस अब भी गीता के माता-पिता की तलाश कर रही है। डीआईजी हरिनारायाण चारी मिश्रा ने ये जिम्मेदारी खुद संभाल रखी है। गीता को पाकिस्तान से भारत लाने में पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का अहम योगदान रहा है। लेकिन अब तक उनके माता-पिता का पता नहीं चल सका है।हालांकि, भारत लौटने के बाद से ही गीता इंदौर में रह रही हैं।

 

पढ़ें ये खास खबर- By-Election : ज्योतिरादित्य सिंधिया नहीं तो क्या माधवराव सिंधिया के नाम पर वोट मांगेगी कांग्रेस?


मूक बधिर केंद्र में हो रही गीता की देखरेख

गीता की देखरेख आनंद सर्विस सोसायटी द्वारा की जा रही है। इस मूक बधिर केंद्र में ज्ञानेंद्र और मोनिका पुरोहित गीता की देखरेख कर रही हैं। वो साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट भी हैं जो गीता से सांकेतिक भाषा में बात करते हैं इन्हीं के माध्यम से गीता के मां बाप की तलाश की जा रही है।

 

पढ़ें ये खास खबर- हाथरस गैंगरेप केस : भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- CM योगी के प्रदेश में गाड़ी कभी भी पलट जाती है


पुलिस ने 4 घंटे गीता से बात की

गीता की घर वापसी कराने के लिए इंदौर पुलिस द्वारा अपनी ओर से प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सूरज वर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मनीषा पाठक सोनी ने ज्ञानेंद्र पुरोहित और मोनिका पुरोहित की मदद से गीता से लगभग 4 घंटे तक बातचीत की, ताकि उनके परिवार से जुड़े कुछ न कुछ संकेत प्राप्त कर सकें।बातचीत के दौरान गीता ने पुलिस को समझाया कि, उसके गांव के पास एक छोटा रेलवे स्टेशन है। गांव में देवी जी का मंदिर है, जिसके पास नदी या तालाब है। उसमें डुबकी लगाकर दर्शन के लिए जाते हैं। गीता ने कहा कि, हालांकि, वो मंदिर पहाड़ के ऊपर स्थित नहीं है।

 

पढ़ें ये खास खबर- क्या आपके घर भी बिजली का बिल आता है ज्यादा? ये हो सकते हैं कारण


अगले क्रम में इस तरह होगी पड़ताल

गीता ने ये भी बताया कि, उसके घर के पास एक मैटरनिटी होम भी है। परिवार वाले धान की खेती करते हैं। गीता के मुताबिक, वो बचपन में गलती से भाप के इंजन वाली रेलगाड़ी में बैठ गई थी। बस इस तरह वो पाकिस्तान पहुंच गई। उसके घर में इडली-सांभर और डोसा बनता था। गीता अकसर दक्षिण भारतीय लोगों के तरीके से चावल खाती है और बचपन से ही काला धागा बांधती है। पिता पूजा पाठ करते समय धोती/लुंगी पहनते थे। गीता को तरह तरह के स्थानों के फोटो दिखाए गए। अब अगले क्रम में वीडियो कॉल से अलग अलग तरह के लोगों से गीता की संकेतों के ज़रिए बात कराई जाएगी।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned