scriptIndore saved the most water | इंदौर ने बचाया सबसे ज्यादा पानी | Patrika News

इंदौर ने बचाया सबसे ज्यादा पानी

locationइंदौरPublished: Dec 24, 2023 12:05:38 pm

अच्छी बारिश से सीहोर, उज्जैन, सागर, भिंड में रिचार्ज हुई जमीन

इंदौर ने बचाया सबसे ज्यादा पानी
इंदौर ने बचाया सबसे ज्यादा पानी
प्रमोद मिश्रा
भू-जल के मामले में प्रदेश में इंदौर की सबसे अच्छी स्थिति है। अच्छी बारिश और रिचार्ज को लेकर जागरुकता और खेती में पानी के इस्तेमाल में कमी के बाद यह स्थिति बनी है। हालांकि शहर के मुकाबले सांवेर और देपालपुर में कृषि कार्य में ज्यादा पानी इस्तेमाल होने से स्थिति थोड़ी बिगड़ी है, लेकिन शहरी क्षेत्र में भूजलस्तर बढ़ा है। आगर-मालवा प्रदेश में दूसरे और तीसरे स्थान पर देवास है। सबसे खराब हालत ग्वालियर और जबलपुर की है। ग्वालियर में अच्छी बारिश नहीं हुई। इससे भूजल के ज्यादा इस्तेमाल से अलार्मिंग स्थिति है। जल-संसाधन विभाग की भूजल स्तर पर 10 साल की स्थिति पर जारी रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट में चार सीजन के हिसाब से भूजल को नापा जाता है। वर्ष 2022 में प्रदेेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश होने से भूजल में सुधार दर्ज हुआ है। जनवरी 2023 के भूजल की स्थिति का आकलन करते हुए यह रिपोर्ट जारी हुई है। प्रदेश भर में 1612 जल स्रोत की निगरानी के आधार पर भूजल का आकलन करने के बाद रिपोर्ट जारी हुई है जिसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा और फिर वहां से समीक्षा कर सुधार के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया जाएगा।
ऐसे समझें चार सीजन के आकलन : चार सीजन जनवरी, मई, अगस्त और नवंबर के भूजल का आकलन होता है। नवंबर में भूजलस्तर बढ़ता है, यानी बारिश अच्छी होने से रिचार्ज अच्छा रहा। जनवरी में बढ़त से खेती में पानी कम खर्च होना पता चलता है। मई में भूजल बढ़ता है तो ओवरऑल साल में भूजल का उपयोग कम होना दिखाता है। अगस्त में बढ़ने का अर्थ यह है कि पानी सहेजा, रिचार्ज किया।
जिला सामान्य बारिश वाटर निकालने बारिश हुई (मिमी) रिचार्ज योग्य पानी

इंदौर 941.4 1133.46 58749.02 53436.36

आगर मालवा 999.6 1901.39 43548.8 40403.21

देवास 1069 1560.97 86549.72 80944.58

धार 856.5 883.26 138460.44 127766.67
मंदसौर 880.9 1348.7 69895.39 63181.48

नर्मदापुरम 1437.7 2001.46 179273.66 163696.36

सीहोर 1217.7 1747.29 73967.94 67494.59

उज्जैन 912.5 1251.28 99698.18 91373.06

सागर 1197.6 1361.78 110798.9 102371.34

भिंड 754.4 789.83 98040.22 89953.59
ग्वालियर 879 887.24 82244.87 75773.72

जबलपुर 1227.3 1317.58 66729.2 61296.83

(भूजल हेक्टेयर मिलियन में)

यहां कम हुआ पानी का उपयोग
रिपोर्ट के अनुसार भूजल का कम दोहन करने वाले जिलों में भी इंदौर बेहतर है। वहीं, बारिश ज्यादा न होने के बाद भी पानी दोहन करने में मंदसौर ने स्थिति सुधारकर दूसरे स्थान पर जगह बनाई है। बुरहानपुर में प्राकृतिक रिचार्ज की स्थिति अच्छी नहीं है लेकिन भूजल का उपयोग कम हुआ। ऐसे में वह तीसरे नंबर पर है। इसके बाद दमोह, रीवा, सीहोर, श्योपुर, शिवपुरी, भिंड हैं।
- ग्वालियर, जबलपुर, झाबुआ, पन्ना, बैतूल, डिंडोरी, खरगोन, रतलाम, छतरपुर में कम बारिश या सामान्य बारिश के बाद भी भूजल का ज्यादा इस्तेमाल से बिगड़ी स्थिति।
प्लानिंग से काम करें

अभी कृषि में ज्यादा पानी इस्तेमाल हो रहा है। खेती में ड्रिप-स्प्रिंकलर तकनीक से पानी का इस्तेमाल कम कर सकते हैं। ग्वालियर व जबलपुर में स्थिति चिंताजनक है। रिपोर्ट के आधार पर यहां रिचार्ज, वाटर बजट बढ़ाने, वाटर सिक्योरिटी प्लानिंग पर काम करने की जरूरत है।
सुधींद्र मोहन शर्मा, जल प्रबंधन विशेषज्ञ

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