जिसे हम अपना समझते, वह अपना नहीं

जिससे आप सम्बन्ध बनाते है वह आपका होता ही नही है। चातुर्मास यही जानने के लिए होता है कि मेरे पास मेरा क्या है।

By: सुधीर पंडित

Published: 20 Jul 2018, 08:10 PM IST

 

- बैंड-बाजों के साथ श्वेताम्बर समाज बंधुओं ने गुरुवर की अगवानी, गच्छाधिपति के दो शिष्यों का हुआ भव्य मंगल प्रवेश्, गुरुवर के शिष्यों का कंचनबाग में होगा चातुर्मास

इन्दौर। इस संसार मे जिसे हम अपना या मेरा समझते है दरअसल वह अपना होता नही है। जिससे आप सम्बन्ध बनाते है वह आपका होता ही नही है। चातुर्मास यही जानने के लिए होता है कि मेरे पास मेरा क्या है।

शुक्रवार को यह प्रेरक विचार मुनिराज मुक्तिप्रभ सागर महाराज ने साउथ तुकोगंज स्थित कंचनबाग उपाश्रय में संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने आगे अपने प्रवचन में कहा कि सबसे पहले आपको यह निश्चित करना होगा कि मेरे पास मेरा क्या है तब ही उसे आपको बचाने के प्रयास करना चाहिए। इसके पश्चात धर्मसभा को मनीष प्रभ सागर आचार्य जिनमणिप्रभ सूरीश्वरजी महाराज ने भी धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मा का भविष्य सुधारने के लिए वर्तमान को सुधारना जरूरी है। अगर वर्तमान सुधर गया तो आत्मा का भविष्य निश्चित ही सुधर जाएगा। चातुर्मास के संबंध में आपने कहा कि आत्मा को शुद्ध और बुद्ध बनाने का साधन ही चातुर्मास है। इससे पूर्व धर्मसभा में शिष्या विश्वज्योति श्रीजी ने कहा कि मर्यादित जीवन ही सही जीवन होता है। आत्मा की शुद्धि के बगैर मर्यादित जीवन की कल्पना नही की जा सकती। चातुर्मास एक चिकित्सालय है जो चार माह के लिए खुला है, इसमे नित्य आए और आत्मा की शुद्धि के लिए इलाज कराए। खरतरगच्छ गच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभ सूरीश्वर के सान्निध्य में उनके शिष्य मुनि मुक्तिप्रभ सागर एवं मनीषप्रभ सागर मसा आदिठाणा का साऊथ तुकोगंज स्थित पंजाब अरोड़वंशीय धर्मशाला से भव्य शोभायात्रा के साथ मंगल प्रवेश हुआ। मंगल प्रवेश में श्वेताम्बर जैन समाज के सभी वरिष्ठजन महिला मंडल एवं युवा संगठन दोनों ही शिष्यों की अगवानी की। पंजाब अरोड़वंशीय धर्मशाला से नवकारसी के पश्चात मंगल जुलूस निकाला। दोनों शिष्यों की यह मंगल प्रवेश यात्रा में उनके साथ साधु-साध्वी मंडल भी शामिल थेे। इस यात्रा में बैंड-बाजे, घोड़े-बग्घी के साथ-साथ गुजरात की आदिवासी मंडली भी थी, जो यात्रा के मार्ग में अपनी विशेष प्रस्तुतियां देते हुए चल रही थी। यात्रा में श्वेताम्बर जैन समाज से जुड़ी महिला मंडल भी भजन कीर्तन की प्रस्तुतियां देते हुए चल रही थी। शोभायात्रा में महिलाएं केशरिया परिधान में तो वहीं पुरूष श्वेत वस्त्र धारण कर शामिल हुए थे। यात्रा साऊथ तुकोगंज पंजाब अरोड़वंशीय धर्मशाला से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए कंचनबाग उपाश्रय पहुंची। जहां इस शोभायात्रा का समापन हुआ। पंजाब अरोड़वंशीय धर्मशाला में सुबह नवकारसी का आयोजन हुआ। जिसके लाभार्थी विजयए पुष्पा, रोशन मेहता परिवार थे। वहीं शोभायात्रा में नीलवर्णा जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक ट्रस्ट अध्यक्ष विजय मेहता एवं सचिव संजय लुनिया, श्वेताम्बर जैन समाज के शांतीप्रिय डोसी, राजकुमार सुराणा, प्रकाश भटेवरा सहित अनेक समाज बंधु मौजूद थे। दोनों शिष्यों का चातुर्मास कंचनबाग उपाश्रय में होगा। जहां प्रतिदिन दोनों ही शिष्य अपनी ओजस्वी वाणी से धर्मसभा को संबोधित करेंगे। कंचनबाग में प्रतिदिन प्रवचन सुबह 9 से 10 बजे तक आयोजित किए जाएंगे । जिसमें कंचनबाग रहवासियों के साथ-साथ श्वेताम्बर जैन समाज के समाज बंधु शामिल होंगे।

 

सुधीर पंडित
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