बिना टैक्स दिए ले रहे थे 'आनंद' ... अब ९३ लाख का नोटिस

आनंद ज्वेल्स भी डायवर्शन टैक्स वसूली के घेरे में, आबादी की जमीन पर तनी है बिल्डिंग

By: Mohit Panchal

Published: 13 Mar 2018, 11:02 AM IST

इंदौर। खुद को हीरे का असली जौहरी होने का दावा करके खुद को ईमानदार और शहर के बाकी व्यापारियों को दागी बताने वाला आनंद ज्वेल एक बार फिर उलझता नजर आ रहा है। आबादी की जमीन पर बिना टैक्स चुकाए भवन तानने पर उसे ९३ लाख रुपए का नोटिस दिया जा रहा है और इसकी तैयारी हो चुकी है। इसके अलावा लेमन ट्री सहित कई बिल्डिगों की रिपोर्ट तैयार हो गई है।
अब तक जिला प्रशासन का फोकस डायवर्शन टैक्स की वसूली को लेकर कॉलोनाइजरों पर होता था। इस मामले में लक्ष्य की ८० फीसदी वसूली कर ली है बाकी को लेकर मशक्कत जारी है। इसके अलावा राजस्व बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने नए टैक्स वसूली पर काम करना शुरू कर दिया है। आबादी की जमीन पर बने व्यावसायिक भवनों को निशाना बनाया जा रहा है। सीतलामाता बाजार, कपड़ा मार्केट, सराफा, बर्तन बाजार, राजबाड़ा, एमजी रोड, जवाहर मार्ग, छावनी सहित शहर का पुराना हिस्सा इस इसमें शामिल है। ये सब आबादी की जमीन है जिन पर बड़े-बड़े व्यावसायिक भवन बन गए हैं। भूराजस्व संहिता की धारा ६० में उनके टैक्स का निर्धारण किया जा रहा है। ट्रेजर आईलैंड जैसे शहर के पहले मॉल के बाद अब कई भवनों की रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसमें खुद को सबसे ईमानदार बताने वाला आंनद ज्वेल भी एक है। पूर्व में अवैध निर्माण को लेकर नेता प्रतिपक्ष फोजिया शेख अलीम की शिकायत पर जांच चल रही है। अवैध बिल्डिंग की गुत्थी सुलझी नहीं थी कि अब डायवर्शन टैक्स की कहानी सामने आ गई। सेंट्रल कोतवाली एसडीएम शाश्वत शर्मा ने आरआई की जांच पर रिपोर्ट बनाकर अपर कलेक्टर व नोडल अधिकारी कैलाश वानखेड़े को सौंप दी है। प्रशासन ने भवन की कीमत ३१ करोड़ आंकी है जिस पर दो प्रतिशत टैक्स बनता है। उस हिसाब से ६२ लाख रुपए प्रीमियम बनता है। इसके अलावा भू भाटक के तौर पर ३१ लाख रुपए बन रहे हैं। कुल ९३ लाख रुपए की वसूली को लेकर नोटिस थमाने की तैयारी की जा रही है।
कई भवनों की तैयार हुई फाइलें
टीआई और आनंद ज्वेल के अलावा एमजी रोड और आरएनटी मार्ग की कई भवनों की फाइलें तैयार कर ली गई हैं। इसमें होटल लेमन ट्री भी है। उस पर ६७ लाख प्रीमियम तो ६ लाख ६९ हजार रुपए का भू भाटक तय किया गया है। उसके अलावा एचडीएफसी बैंक, सेमसंग शो रूम के अलावा छावनी स्थित जगन्नाथ धर्मशाला की भी फाइल तैयार की गई है।
गलत हुई गणना, फिर से तैयार होगी रिपोर्ट
गौरतलब है कि एमजी रोड स्थित टीआई मॉल को लेकर एसडीओ शर्मा ने केस बनाकर वानखेड़े की अदालत में भेज दिया था। नोटिस जारी करने से पहले उनकी बारीकी से जांच की जा रही है। वानखेड़े ने गणना में गलती पकड़ ली। इसके चलते करीब एक दर्जन प्रकरणों को फिर से एसडीओ के पास भेजा जा रहा है ताकि उनकी गणना सही की जा सके। योजना है कि एक सप्ताह में शहर के बड़े-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस थमा दिए जाएंगे।

Mohit Panchal Reporting
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