विदेशी सीनियर सिटीजन से हजारों डालर ठग चुके है बदमाश

विदेशी सीनियर सिटीजन से हजारों डालर ठग चुके है बदमाश

Pramod Mishra | Publish: Jun, 13 2019 10:10:37 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

विदेशियों को ठगने वाले और चार कॉल सेंटर चल रहे थे इंदौर में, पुलिस पहुंचने के पहले ही संचालक हुए फरार, तीन जगह मिले ताले, एक ऑफिस कुछ देर पहले हुआ खाली



इंदौर। इंदौर में चार और कॉल सेंटर संचालित हो रहे थे जो अमरीकी व अन्य विदेशियों को ठगने का काम कर रहे थे। साइबर सेल ने दो कॉल सेंटर पकड़े तो अन्य चार के संचालक उन्हें बंद कर भाग गए। पुलिस ने गुरुवार को सूचना के आधार पर चारों जगह छापे मारे तो तीन जगह ताले लगे मिले, एक बिल्डिंग में ऑफिस खुला था लेकिन कोई था नहीं।
साइबर सेल की टीम ने सोमवार रात सी 21को मॉल के पीछे पीयू 4 में संचालित हो रहे तो कॉल सेंटर पर छापा मारकर 19 युवतियों सहित 78 को गिरफ्तार किया था। रात में संचालित होने वाले इन कॉल सेंटरों के जरिए अमरीकी लोगों को ठगने का काम चल रहा था। अमरिकियों को सोशल सिक्यूरिटी नंबर ब्लॉक करने का झांसा देकर आरोपी विजिलेंस एजेंसी के नाम पर वाइस मैसेज करते और फिर बाद में धमकाकर डॉलर वसूल करते थे। गिरोह हर महीने करीब एक करोड़ रुपए कमा रहा था। साइबर सेल ने तीन मुख्य आरोपी जावेद, शाहरुख व भाविल को रिमांड पर ले रखा है। एसपी जितेंद्रसिंह ने मुख्य आरोपी जावेद से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि अहमदाबाद, गुजरात के अन्य युवक भी ज्यादा फायदा होने से इंदौर में कॉल सेंटर चलाकर विदेशियों को ठग रहे है।
एसपी जितेंद्रसिंह के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि केवल संधू, मीनेश, हार्दिक व सिद्धार्थ ठगी के कॉल सेंटर का संचालन कर रहे है। तीन कॉल सेंटर तो गिरफ्त में आए आरोपियों के कॉल सेंटर के पास ही संचालित हो रहे थे। जावेद ने जुलाई 2018 में पीयू 4 के एक होटल के बैसमेंट को 70 हजार रुपए महीने में किराए पर लेकर वहां कॉल सेंटर शुरू किया था। बाद में उससे यह कॉल सेंटर केवल संधू ने खरीद लिया तो उसने दूसरा खोल लिया था। पुलिस को इस मामले में जावेद के साथी सन्नी उर्फ अंकित चौहान की तलाश है। अंकित के बारे में पता चला है कि वह जावेद के साथ हार्दिक, मिनेश व एक अन्य कॉल सेंटर में भी पार्टनर है।
जावेद से जानकारी मिलने के बाद गुरुवार को निरीक्षक राशिद अहमद व एसआई आमोदसिंह की टीम ने हार्दिक, मिनेश, केवल व सिद्धार्थ के कॉल सेंटर पर छापे मारे लेकिन कोई नहीं मिला। पीयू 4 में तीन कॉल सेंटर संचालित हो रहे थे लेकिन वहां ताले लगे। एक कॉल सेंटर सेंटर बीआरटीएस की दूसरी एक व्यवसायिक बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर था। बिल्डिंग में टीम पहुंची तो पता चला कि वहां ऑफिस तो चालू है लेकिन कोई है नहीं। छापे के बाद से ही सभी फरार हो गए। बुधवार को केवल संधू तो शहर में था। उसका प्लेन से भागने का प्लान था। साइबर सेल की टीम ने घेराबंदी की गई लेकिन सफल नहीं हो पाई। आरोपियों से उन लोगों को डाटा भी मिला है जिनसे ठगी हुई है। जावेद ने बताया कि एक अमरीकी को झांसा देकर वे करीब 28600 डालर यानी करीब 70 लाख रुपए वसूल चुके है। उसका कहना है कि अन्य कॉल सेंट तो एक लाख डॉलर तक की ठगी एक ही व्यक्ति से कर चुके है। एफबीआइ की सभी की लिस्ट मेल की है ताकि कोई पीडि़त सामने आए और उसके बयान कराए जा सके।

एक दर्जन वैंडर उपलब्ध कराते है डाटा
जावेद से पूछताछ में पता चला कि उसने करीब 5 साल पहले अहमदाबाद में कॉल सेंटर पर काम किया था। वहां उसने खुद का काम शुरू किया तो 30 लाख का घाटा हो गया। प्रापर्टी ब्रोकर पिता का मकान बेचकर कर्ज चुकाना पड़ा। फिर उसने पूना जाकर नए सिरे से काम शुरू किया तो कमाई होने लगी। जुलाई 2018 में इंदौर आया और राहिल के साथ काम शुरू किया फिर अन्य लोगों को जोड़ लिया था। आरोपी ने बताया कि निजी एजेंसी से इंटरनेट की लीज लाइन ली थी। इसके लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जिस पर लीज लाइन देने वाली कंपनी को भी पुलिस नोटिस दे रही है। जावेद कॉल सेंटर के भवन का 70 हजार रुपए किराया देता था। कर्मचारियों के लिए श्रीराम एन्क्लेव में 4 फ्लैट 30-30 हजार व इतने ही फ्लैट पिनेकल ड्रीम्स में भी किराए पर लिए थे। दोपहर के भोजन के एवज में 2500 रुपए अदा करता था, रात का भोजन ऑफिस में ही देता था। इसके अलावा भी ये लोग काफी पैसा खर्च करते थे। पुलिस ने दबिश डाली तो राहिल कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था करने गया था, बाद मेें लौटा नहीं। आरोपी से पता चला कि करीब एक दर्जन वैंडर है जो अमरीकियों के डाटा ठगी के लिए उपलब्ध कराते है। इनका टारगेट सीनियर सिटीजन ज्यादा होते थे। वैंडर की जांच की तो यह बात सामने आइ कि उन्होंने वाट्सऐप ग्रुप बना रखे है। रहते भारत में है लेकिन नंबर अमरीका का इस्तेमाल करते है।

कुछ देर पहले ही छोड़ा ऑफिस
व्यवसायिक बिल्डिंग का ऑफिस चालू था जिससे लगता है कि पुलिस आने के कुछ देर पहले ही छापे की भनक लगने से सभी फरार हो गए। हालांकि यहां से कुछ जब्त नहीं हुआ। साइबर सेल का कहना है कि सन्नी के साथ ही हार्दिक, केवल, मिनेश व सिद्धार्थ को भी आरोपी बनाया जा रहा है। जावेद के कॉल सेंटर से काफी सामान गुरुवार को साइबर सेल ने जब्त किया।

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