यामी गौतम बनना चाहतीं थी IAS officer पर किस्मत ने किया ऐसा की बन गयी एक्ट्रेस

वे कहती हैं कि मेरी ख्वाहिश आईएएस ऑफिसर बनने की थी। मैं हमेशा से एकेडमिक्स में अच्छा परफॉर्म करती थी, लेकिन आपकी डेस्टिनी से बढक़र कुछ नहीं होता।

इंदौर. सोशल मीडिया पर शायद हर किसी को लेकर जोक्स बनते हैं। कुछ इश्यूज होने पर आपको ट्रोल भी किया जाता है। जानती हूं मुझ पर भी जोक्स बने हैं, लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जोक्स को सीरियसली लेकर उन पर रिएक्शन देना मैं जरूरी नहीं समझती। अगर कुछ लोग आपको ट्रोल करते हैं तो सोशल मीडिया पर ही आपके फैंस भी होते हैं। ये बात एक्ट्रेस यामी गौतम ने कही।

वह एक स्टोर की लॉन्चिंग के लिए शुक्रवार को शहर में थी। इस दौरान मीडिया से भी रूबरू हुई। वे कहती हैं कि मेरी ख्वाहिश आईएएस ऑफिसर बनने की थी। मैं हमेशा से एकेडमिक्स में अच्छा परफॉर्म करती थी, लेकिन आपकी डेस्टिनी से बढक़र कुछ नहीं होता। मेरा कनेक्शन बॉलीवुड से था और वो जुड़ गया। कनेक्शन जुडऩे के बाद ये ना भूले की अपने आपको प्रूव करने के लिए स्ट्रगल करना होगा। हर रोल आपके सामने कुछ नए चैलेंजेस और नई एनर्जी लेकर आता है।

ग्लैमर के पीछे न भागे
यामी ने कहा कि आज इंडस्ट्री में हर कोई ग्लैमर के पीछे भाग रहा है, लेकिन सेल्फ सेटिस्फेकशन अच्छे काम से आता है। इंडस्ट्री में हर दिन नए और ग्लैमरस फेस सामने आते हैं। ऐसे में खुद को बनाए रखने के लिए पैशंस के साथ काम करने की जरूरत है। सक्सेस हार्ड वर्क और फोकस होकर काम करने पर ही आती है। कई एक्ट्रेस ग्लैमरस होते हुए भी खुद को इंडस्ट्री में बनाए रखने में सफल नहीं हो पाती है। फेस वैल्यू से कई ज्यादा वर्क वैल्यू मायने रखता है।

फैशन में कम्फर्ट जरूरी
जब भी फैशन की बात होती है तो मुझे लगता है कि मैं इसे लेकर बिल्कुल अलर्ट नहीं हूं। मेरे लिए फैशन की डेफिनेशन कम्फर्ट है। ड्रेसअप ऐसा होना चाहिए जो ऑकवर्ड न लगे और इससे भी बड़ी बात है खुद का कम्फर्ट लेवल। मैं जब भी कोई आउटफिट सलेक्ट क रती हूं तो मेरे लिए पहली प्रायोरिटी है कि मैं इस ड्रेस में खुद को कितना कॉन्फिडेंट फील करती हूं। ड्रेस टू मेक योर सेल्फ हैप्पी नोट अदर्स यही मेरे लिए फैशन है।

यामी ने कहा कि कोई भी फिल्म सिर्फ अच्छी एक्टिंग के दम पर हिट नहन्ीं हो सकती। इसके लिए जरूरी है कि फिल्म की स्क्रिप्ट और डायरेक्टर का विजन भी उतना ही जानदार हो। फिल्म के हिट होने में अच्छी स्क्रिप्ट, एक्टिंग और डायरेक्शन का रोल बेहद अहम होता है। फिल्म पद्मावती को लेकर चल रही कंट्रोवर्सी को लेकर उन्होंने कहा कि कोई भी फिल्म आसानी से नहीं बनती। विरोध से पहले फिल्म को देखना जरूर चाहिए।

काबिल में ऋतिक से सीखा बहुत कुछ
मैंने आयुष खुराना, वरुण धवन और अजय देवगन के साथ काम किया, लेकिन सबसे अच्छा एक्सपीरियंस ऋतिक रोशन के साथ काम करके मिला। वह पूरी तरह से परफेक्शन को लेकर काम करते हैं। चाहे बात मेरी हो या किसी डांसर की, अगर बेस्ट नही दे पाई हूं तो वो शॉट ओके नहीं होता है। उनकी वर्र्किंग स्किल देखकर मुझे आश्चर्य होता है कि कोई इतनी कैसे इतनी गहराई से काम को ऑब्जर्व करता है। मैंने उनसे यही स्किल सीखी है। मेरा आज तक का फेवरेट और चैलेंजिंग रोल काबिल में ही है। मैंने इसके लिए स्पेशल ट्रेनिंग भी ली थी। मैंने कोच के साथ घंटों ट्रेनिंग की है और जब आप हार्ड वर्क करते हैं तो वो रोल और मूवी आपके लिए स्पेशल हो ही जाती है।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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