scriptIntroduction conference of Jain society held in Indore | कोराना काल में खोए जीवनसाथी, अब नया सफर शुरू करने की ठानी | Patrika News

कोराना काल में खोए जीवनसाथी, अब नया सफर शुरू करने की ठानी

वे फिर से नया जीवन जीने की शुरूआत करने के लिए इस सम्मेलन में शामिल हुए।

इंदौर

Published: December 27, 2021 11:33:42 am

इंदौर. जैन समाज के भव्य परिचय सम्मेलन में देशभर से आए युवक युवतियों के साथ ऐसे युवक और युवतियां भी शामिल थे, जिन्होंने कोरोना काल में अपने जीवन साथी को खो दिया है। वे फिर से नया जीवन जीने की शुरूआत करने के लिए इस सम्मेलन में शामिल हुए। यहां कुछ युवक युवतियां ऐसे भी थे जिनके बच्चे भी हैं। ताकि उन्हें भी अपनो का सहारा मिल जाए, इस भव्य आयोजन में कई रिश्तों की बात चलने लगी तो कई जोड़े तय भी हो गए।

कोराना काल में खोए जीवनसाथी, अब नया सफर शुरू करने की ठानी
कोराना काल में खोए जीवनसाथी, अब नया सफर शुरू करने की ठानी

अभा जैन श्वेतांबर सोशल ग्रुप फेडरेशन (रजिस्टर्ड) के दो दिवसीय आयोजन का दूसरा दिन श्वेतांबर जैन विधवा-विधुर, तलाकशुदा प्रतिभागियों के लिए रहा। सोमवार को लाभ मंडपम में आयोजित इस परिचय सम्मेलन की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। सम्मेलन में ऐसी युवतियां भी थीं, जिन्होंने कोरोना या अन्य बीमारी में जीवनसाथी को खो दिया। इस मौके पर मुख्य अतिथि डॉ. नरेंद्र धाकड़, फेडरेशन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष व मार्गदर्शक वीरेंद्रकुमार रेखा जैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय नाहर, पीयूष जैन, प्रकाश भटेवरा, राजेंद्र जैन, अजय जैन, भरत शाह, प्रभात चोपड़ा भी मौजूद रहे। नरेंद्र संचेती और सीए नरेंद्र भंडारी ने बताया, परिचय सम्मेलन में 230 प्रतिभागियों ने मंच से परिचय दिया। हेमंत कोठारी और वीरेंद्र नाहर ने जानकारी दी कि परिचय सम्मेलन में मप्र, महाराष्ट्र राजस्थान और गुजरात के प्रतिभागी शामिल हुए। रितेश शेखावत और पंकज बाफना ने बताया, फेडरेशन की यह पहल समाज के ऐसे युवक-युवतियों के लिए की गई, जिनका तलाक हो चुका है या उनके जीवनसाथी की मौत हो चुकी है, कई परिवार विधवा बहू को परिचय सम्मेलन में लेकर आए, ताकि उनका भी घर बस सके।

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जीवन साथी के साथ बच्चों को भी देंगे सहारा

सभी प्रतिभागियों से मास्टर ऑफ सेरेमनी पूजा जैन ने सवाल किए। उन्होंने समाज की इस पहल और परिवार के साथ से फिर अपना घर बसाने की सोची और सम्मेलन में शामिल हुए। कई युवकों ने अपने भावी जीवनसाथी के साथ आने वाले बच्चे को स्वीकारने की बात कही।

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कई शहरों के प्रतिभागी

इंदौर, गुजरात, मंदसौर, सिलवासा सहित कई अन्य शहरों से युवतियां शामिल हुईं। कोरोना काल में पति को खो चुकी एक महिला को ससुराल वाले लेकर आए। कुछ तलाकशुदा भी थीं, तो कई ऐसी महिलाएं भी थी, जिनके बच्चे हैं।

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